Edited By Pardeep,Updated: 11 Feb, 2026 10:39 PM
सरकार इनकम टैक्स के नियमों में बड़े बदलाव करने जा रही है, जिसका सीधा असर आम लोगों के रोजमर्रा के पैसों के लेन-देन पर पड़ेगा। नए Income Tax Rules 2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है, जिसमें बताया गया है कि किन-किन लेन-देन में PAN कार्ड देना जरूरी...
बिजनेस डेस्कः सरकार इनकम टैक्स के नियमों में बड़े बदलाव करने जा रही है, जिसका सीधा असर आम लोगों के रोजमर्रा के पैसों के लेन-देन पर पड़ेगा। नए Income Tax Rules 2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है, जिसमें बताया गया है कि किन-किन लेन-देन में PAN कार्ड देना जरूरी होगा। ये बदलाव नए Income Tax Act 2025 से जुड़े हैं और इन्हें 1 अप्रैल 2026 से लागू करने की तैयारी है।
सरकार का मकसद है कि छोटे लेन-देन आसान हों, जबकि बड़े लेन-देन पर निगरानी और सख्त की जाए।
बैंक में कैश जमा-निकासी का नियम बदला — आम लोगों को राहत
अभी तक नियम था कि अगर कोई व्यक्ति एक दिन में 50,000 रुपये से ज्यादा कैश जमा करता है, तो PAN देना जरूरी होता था। लेकिन नए ड्राफ्ट नियमों के अनुसार अब साल भर में कुल 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा कैश जमा या निकासी करने पर ही PAN देना होगा। यह सीमा एक या एक से ज्यादा बैंक खातों पर लागू होगी। इस बदलाव से लोगों को बार-बार PAN देने की जरूरत नहीं पड़ेगी और बैंकिंग प्रक्रिया आसान हो सकती है।
इंश्योरेंस के लिए नए सख्त PAN नियम
अभी तक PAN तभी मांगा जाता था जब लाइफ इंश्योरेंस का प्रीमियम एक साल में 50,000 रुपये से ज्यादा हो।
नए नियमों में बदलाव प्रस्तावित है:
इससे इंश्योरेंस सेक्टर में होने वाले पैसों के लेन-देन पर सरकार की नजर और मजबूत होगी।
गाड़ी खरीदने पर PAN की नई सीमा — बड़ी राहत
अभी तक नियम था कि किसी भी कीमत की गाड़ी खरीदने पर PAN देना जरूरी था, चाहे कार हो या बाइक। दोपहिया वाहनों के लिए कोई स्पष्ट नियम नहीं था। नए ड्राफ्ट के अनुसार अब 5 लाख रुपये से ज्यादा कीमत की कार या बाइक खरीदने पर ही PAN देना होगा।
इससे सस्ती गाड़ी या बाइक खरीदने वालों का कागजी काम कम होगा और छोटे खरीदारों को राहत मिलेगी।
प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री में PAN की सीमा बढ़ी
अभी तक नियम था कि 10 लाख रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी डील पर PAN जरूरी था। नए प्रस्ताव के अनुसार अब यह सीमा 20 लाख रुपये कर दी जाएगी। इसका मतलब छोटे घर, प्लॉट या जमीन की खरीद-बिक्री में लोगों को कम परेशानी होगी। बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों को देखते हुए यह आम लोगों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।
होटल और इवेंट पेमेंट में भी राहत
अभी तक PAN जरूरी था जब होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल या इवेंट का बिल 50,000 रुपये से ज्यादा हो। नए नियमों में प्रस्ताव है कि अब 1 लाख रुपये से ज्यादा का बिल होने पर ही PAN देना होगा। इससे शादी, पार्टी, रिसेप्शन या फैमिली फंक्शन में बार-बार PAN देने की जरूरत कम होगी। सामान्य होटल स्टे के दौरान भी लोगों को राहत मिलेगी।
नौकरीपेशा लोगों के लिए भी अच्छे संकेत
ड्राफ्ट नियमों में कंपनी द्वारा दिए जाने वाले कुछ बेनिफिट्स (Benefits) की वैल्यू लिमिट बढ़ाने का सुझाव भी दिया गया है।
इससे सैलरी स्ट्रक्चर आसान होगा, टैक्स नियम समझना सरल होगा और कर्मचारियों पर टैक्स का अनावश्यक दबाव कम हो सकता है।
क्रिप्टो और डिजिटल पेमेंट पर सरकार की नजर
नए ड्राफ्ट में सिर्फ PAN नियम ही नहीं बदले जा रहे, बल्कि डिजिटल लेन-देन पर भी ध्यान दिया गया है- क्रिप्टो एक्सचेंजों को इनकम टैक्स विभाग के साथ ट्रांजैक्शन की जानकारी साझा करनी होगी। डिजिटल रुपया (CBDC) को आधिकारिक इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट का दर्जा दिया जाएगा।
इससे डिजिटल पेमेंट सिस्टम ज्यादा सुरक्षित होगा, टैक्स चोरी पर रोक लगेगी और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पारदर्शी बनेंगे।
नए नियम कब से लागू होंगे?
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CBDT ने ये ड्राफ्ट नियम आम जनता और स्टेकहोल्डर्स से राय लेने के लिए जारी किए हैं।
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लोग अपने सुझाव दे सकते हैं।
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रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च 2026 की शुरुआत में फाइनल नियम जारी हो सकते हैं।
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नया इनकम टैक्स कानून और नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।