Edited By jyoti choudhary,Updated: 03 Feb, 2026 05:57 PM

अगर आप क्रिप्टोकरेंसी या किसी भी तरह के डिजिटल एसेट में निवेश करते हैं, तो अब सतर्क हो जाना जरूरी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में क्रिप्टो को लेकर सख्त नियमों का ऐलान किया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। नए नियमों का मकसद...
बिजनेस डेस्कः अगर आप क्रिप्टोकरेंसी या किसी भी तरह के डिजिटल एसेट में निवेश करते हैं, तो अब सतर्क हो जाना जरूरी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में क्रिप्टो को लेकर सख्त नियमों का ऐलान किया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। नए नियमों का मकसद क्रिप्टो इकोसिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है।
सरकार ने साफ कर दिया है कि अब रिपोर्टिंग में लापरवाही या गलत जानकारी देने पर भारी जुर्माना और रोजाना पेनाल्टी लगेगी। ये नियम निवेशकों के साथ-साथ क्रिप्टो प्लेटफॉर्म और कंपनियों पर भी लागू होंगे।
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क्या है नया पेनाल्टी फ्रेमवर्क
नए नियमों के तहत अगर कोई निवेशक, संस्था या क्रिप्टो प्लेटफॉर्म अपने डिजिटल एसेट की जानकारी समय पर साझा नहीं करता है, तो उस पर ₹200 प्रतिदिन की पेनाल्टी लगेगी। यह जुर्माना तब तक चलता रहेगा, जब तक जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं करा दी जाती।
वहीं, अगर कोई गलत, अधूरी या भ्रामक जानकारी देता है, तो उस पर ₹5 लाख तक का एकमुश्त जुर्माना लगाया जा सकता है। यानी अब सिर्फ देरी ही नहीं, बल्कि गलत जानकारी देना भी भारी पड़ सकता है।
सरकार ने क्यों लिया सख्त रुख
सरकार का मानना है कि फिलहाल क्रिप्टो सेक्टर में रिपोर्टिंग के अलग-अलग मानक हैं, जिससे निगरानी मुश्किल हो जाती है। नए नियमों के जरिए एक समान रिपोर्टिंग सिस्टम लाकर पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इससे क्रिप्टो बाजार को लंबे समय में स्थिरता और भरोसा मिलने की उम्मीद है।
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इंडस्ट्री का क्या कहना है
क्रिप्टो इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Mudrex के सीईओ एडुल पटेल के मुताबिक, यह कदम डिजिटल एसेट सेक्टर के लिए सकारात्मक है। इससे साफ होता है कि सरकार क्रिप्टो को रेगुलेट करके उसे मेनस्ट्रीम फाइनेंशियल सिस्टम के करीब लाना चाहती है। बेहतर निगरानी और जवाबदेही से निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा।