करोड़ों PF खाताधारकों को बड़ी सौगात, अप्रैल से बड़ा बदलाव, UPI से तुरंत मिलेगी EPFO की रकम

Edited By Updated: 10 Feb, 2026 09:40 AM

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सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और पीएफ निकालने के लिए हफ्तों इंतज़ार करने वाले दिन अब पुराने होने जा रहे हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों सदस्यों के लिए एक ऐसा डिजिटल तोहफा ला रहा है, जो PF निकासी के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा। अब...

नेशनल डेस्क: सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और पीएफ निकालने के लिए हफ्तों इंतज़ार करने वाले दिन अब पुराने होने जा रहे हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों सदस्यों के लिए एक ऐसा डिजिटल तोहफा ला रहा है, जो PF निकासी के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा। अब गूगल पे या फोन पे की तरह ही पीएफ का पैसा भी यूपीआई (UPI) के जरिए निकाला जा सकेगा। इसके लिए सरकार इसी साल अप्रैल में एक नया और हाई-टेक मोबाइल ऐप पेश करने की तैयारी में है।

'EPFO 3.0' के साथ आएगा डिजिटल बदलाव का तूफान
श्रम मंत्रालय इस वक्त अपने सबसे बड़े सुधार अभियान 'EPFO 3.0' पर काम कर रहा है। इसके तहत UPI पेमेंट गेटवे को पीएफ सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। खबर है कि इस नई तकनीक का ट्रायल भी शुरू हो चुका है। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम 100 से ज्यादा डमी खातों के जरिए इसकी बारीकियों को परख रही है, ताकि जब अप्रैल में यह App आम जनता के लिए खुले, तो पेमेंट फेल होने जैसी कोई समस्या न आए। यह कदम न केवल प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा, बल्कि कर्मचारियों को उनके अपने ही पैसे पर तत्काल नियंत्रण भी देगा।

निकासी के नए नियम और सुरक्षा का दायरा
सुविधाओं के साथ-साथ सरकार ने सुरक्षा और भविष्य की बचत का भी ख्याल रखा है। New labour Code के मुताबिक, अब UPI से पैसा निकालते समय आपको यह ध्यान रखना होगा कि खाते की कुल जमा पूंजी का 25 प्रतिशत हिस्सा हमेशा सुरक्षित यानी 'फ्रीज' रखा जाएगा। आप केवल बाकी बचे हुए 75 प्रतिशत हिस्से का ही अपनी जरूरतों के लिए इस्तेमाल कर पाएंगे। नए ऐप में सिर्फ पैसे निकालने की ही नहीं, बल्कि पलक झपकते ही पासबुक चेक करने और अन्य जरूरी अपडेट्स देखने की भी सुविधा मिलेगी।

पुरानी व्यवस्था भी रहेगी बरकरार
भले ही नया ऐप और यूपीआई सिस्टम रफ्तार बढ़ाने के लिए आ रहा हो, लेकिन ईपीएफओ अपने पुराने और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म्स जैसे उमंग ऐप और यूएएन पोर्टल को बंद नहीं करेगा। फिलहाल ऑटो-सेटलमेंट मोड के जरिए 3 दिन में पैसा मिल जाता है, और हाल ही में इसकी लिमिट को 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। हर साल 5 करोड़ से ज्यादा दावों का निपटारा करने वाला विभाग अब यूपीआई के जरिए इस संख्या को और भी तेजी से प्रोसेस करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।

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