Impact of Middle East Tensions: मिडिल ईस्ट तनाव का असर, 4 हफ्तों से गिर रहा US बाजार, डूब गए $3 ट्रिलियन

Edited By Updated: 21 Mar, 2026 05:27 PM

us stock market falls for fourth consecutive week  3 trillion lost

वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी है। बेंचमार्क इंडेक्स S&P 500 लगातार चौथे हफ्ते दबाव में रहा, जो पिछले एक साल का सबसे लंबा गिरावट का दौर है।

बिजनेस डेस्कः वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी है। बेंचमार्क इंडेक्स S&P 500 लगातार चौथे हफ्ते दबाव में रहा, जो पिछले एक साल का सबसे लंबा गिरावट का दौर है।

पिछले सप्ताह S&P 500 में 2.5% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार पूंजीकरण में 1 ट्रिलियन डॉलर (करीब 94 लाख करोड़ रुपए) से अधिक की कमी आई। वहीं, बीते एक महीने में यह इंडेक्स करीब 5.83% टूट चुका है, जिससे कुल 3 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा मार्केट वैल्यू खत्म हो गई है।

200-दिन के मूविंग एवरेज के नीचे बंद हुआ बाजार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, S&P 500 हाल ही में अपने 200-दिन के मूविंग एवरेज के नीचे बंद हुआ है, जो बाजार की सेहत का अहम संकेतक माना जाता है। इस स्तर के टूटने से बाजार में फोर्स्ड सेलिंग और गिरावट का जोखिम बढ़ जाता है।

मिडिल ईस्ट तनाव बना बड़ी वजह

विशेषज्ञों का मानना है कि Iran–Israel conflict के लंबा खिंचने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इस तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे महंगाई का खतरा फिर से बढ़ गया है।

महंगाई के दबाव के कारण दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों के लिए ब्याज दरों में कटौती करना मुश्किल हो गया है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ रहा है।

‘ट्रिपल विचिंग’ से बढ़ी बाजार की अस्थिरता

शुक्रवार को करीब 5.7 ट्रिलियन डॉलर के ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी हुई, जिसे बाजार में ‘ट्रिपल विचिंग’ कहा जाता है। यह एक ऐसी घटना होती है, जिसमें बड़े पैमाने पर डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स खत्म होते हैं, जिससे बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है।

ब्याज दरों पर बना दबाव

अमेरिकी फेडरल रिजर्व समेत दुनिया के प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने हाल में ब्याज दरों को स्थिर रखा है। पहले जहां निवेशक दरों में कटौती की उम्मीद कर रहे थे, वहीं अब तेल की कीमतों में तेजी और महंगाई के खतरे के चलते यह उम्मीद कमजोर पड़ गई है।

आगे भी रह सकती है अनिश्चितता

विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। कुल मिलाकर, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई का डर और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता—इन तीनों कारणों ने अमेरिकी शेयर बाजार पर दबाव बना दिया है।
 

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