Edited By Pardeep,Updated: 23 Oct, 2026 11:57 PM

भारत में बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे युवाओं के लिए आने वाले वर्ष बड़ी राहत लेकर आ सकते हैं। देश के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में तेजी के दम पर साल 2030 तक बेरोजगारी लगभग खत्म होने के कगार पर पहुंच सकती है।
नई दिल्ली: भारत में बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे युवाओं के लिए आने वाले वर्ष बड़ी राहत लेकर आ सकते हैं। देश के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में तेजी के दम पर साल 2030 तक बेरोजगारी लगभग खत्म होने के कगार पर पहुंच सकती है। विभिन्न उद्योग संगठनों और सेक्टर्स की स्किल काउंसिल के अनुमान के अनुसार, 2030 तक देश में 35 करोड़ से अधिक नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
उद्योग और संस्थानों में तालमेल व स्किल ट्रेनिंग जरूरी
रिपोर्ट के मुताबिक, इन भारी अवसरों का लाभ देश के युवाओं तक तभी पहुंचेगा जब उन्हें सही प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा। इंडिया डिडाक्टिक्स एसोसिएशन (IDA) ने इस बात पर जोर दिया है कि उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। कंपनियों को ऐसे कुशल कर्मचारियों की आवश्यकता है जो नई तकनीकों का कुशलतापूर्वक इस्तेमाल कर सकें और काम की व्यावहारिक समझ रखते हों।

सितंबर 2026 में बेरोजगारी दर घटकर 5% पर आई
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल बेरोजगारी दर सितंबर 2026 में 5% दर्ज की गई, जो अगस्त 2026 के बराबर बनी हुई है। हालांकि, वार्षिक आधार पर इसमें उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के मुताबिक, सितंबर 2025 में बेरोजगारी दर 5.2% थी, जो सितंबर 2026 में घटकर 5% रह गई।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की स्थिति
- ग्रामीण क्षेत्र: ग्रामीण बेरोजगारी दर अगस्त के 4.1% से मामूली बढ़कर सितंबर में 4.2% दर्ज की गई। हालांकि, वार्षिक आधार पर यह आंकड़ा सितंबर 2025 के 4.6% से घटकर 4.2% पर आ गया है। इसके अलावा ग्रामीण महिलाओं की बेरोजगारी दर में भी गिरावट आई है और यह वर्ष 2026 के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।
- शहरी क्षेत्र: शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर अगस्त के 6.8% से बढ़कर सितंबर में 6.9% दर्ज की गई। पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में शहरी बेरोजगारी दर लगभग स्थिर बनी रही है।