Edited By jyoti choudhary,Updated: 06 Mar, 2026 01:45 PM

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते युद्ध और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार के लिए एक और चिंताजनक खबर आई है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) ने एशियाई बाजारों को लेकर सतर्क रुख अपनाते हुए भारत की रेटिंग घटा दी है।...
बिजनेस डेस्कः अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते युद्ध और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार के लिए एक और चिंताजनक खबर आई है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) ने एशियाई बाजारों को लेकर सतर्क रुख अपनाते हुए भारत की रेटिंग घटा दी है। ब्रोकरेज को आशंका है कि अगर Strait of Hormuz के जरिए तेल और गैस की सप्लाई में रुकावट जारी रहती है, तो इसका सबसे गंभीर असर भारत पर पड़ सकता है।
ब्रोकरेज ने अपने नए पोर्टफोलियो बदलाव में भारतीय बाजार की रेटिंग घटाकर ‘इक्वल वेट’ (Equal Weight) कर दी है। निवेश की भाषा में इसका मतलब है कि फिलहाल भारत को औसत स्तर पर रखा गया है यानी निवेशकों को ज्यादा या कम वेटेज देने की सलाह नहीं दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार एशियाई देश अभी भी कच्चे तेल, रिफाइंड प्रोडक्ट्स और एलएनजी के लिए मिडिल ईस्ट पर काफी निर्भर हैं। खासकर भारत के लिए खतरा ज्यादा है, क्योंकि देश के 40% से अधिक कच्चे तेल का आयात इसी मार्ग से होता है। अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय तक बाधा रहती है, तो तेल और एलएनजी की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर दबाव बढ़ेगा।
विदेशी निवेशकों ने भारत से निकाले पैसे
इसी बीच वैश्विक निवेशक भी उभरते बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध शुरू होने के बाद विदेशी निवेशकों ने भारत से करीब 1.3 अरब डॉलर निकाल लिए हैं। वहीं ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों से भी अरबों डॉलर की निकासी देखी गई है।
हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि लंबी अवधि में भारत के बाजार की संभावनाएं अभी भी मजबूत हैं। अगर टेक सेक्टर में मौजूदा अनिश्चितता कम होती है और एशिया के अन्य बाजारों में वैल्यूएशन ऊंचे स्तर पर पहुंच जाते हैं, तो वैश्विक निवेशक दोबारा भारत की ओर रुख कर सकते हैं।