Edited By ,Updated: 21 Jul, 2016 01:07 AM
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ए.सी., लाइट या पंखा ऑन है या ऑफ की टैंशन को भूल आप घूमने का लुत्फ उठाइए। आपका स्मार्ट फोन यह सब बंद कर देगा। दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर आप अपने घर के बिजली उपकरणों को स्मार्ट फोन से ऑप्रेट कर सकेंगे।
चंडीगढ़, (रश्मि): ए.सी., लाइट या पंखा ऑन है या ऑफ की टैंशन को भूल आप घूमने का लुत्फ उठाइए। आपका स्मार्ट फोन यह सब बंद कर देगा। दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर आप अपने घर के बिजली उपकरणों को स्मार्ट फोन से ऑप्रेट कर सकेंगे। पंजाब यूनिवर्सिटी के यू.आई.ई.टी. में आई.टी. विभाग के आशीष और इलैक्ट्रीकल विभाग के मोहित चौधरीने यह एप डिजाइन किया है, जिससे वाई-फाई अटैच करना होगा और एक एप स्मार्ट फोन पर डाऊनलोड करना होगा। फिर इस एप से आप घर से दूर होने पर भी बिजली से चलने वाले उपकरणों को नियंत्रित कर सकेंगे। यह एप इन स्टूडैंट्स ने डिजाइन इनोवेशन सैंटर (डी.ई.सी.) प्रोजैक्ट के तहत तैयार किया है।
घर में वाई-फाई होना जरूरी
इस एप का प्रयोग करने के लिए आपके घर में वाई-फाई होना जरूरी है। वाई-फाई से स्टूडैंट्स द्वारा तैयार किया बॉक्स अटैच करना होगा और एप स्मार्ट फोन पर डाऊनलोड। इस एप को लैपटाप या कम्प्यूटर पर भी डाऊनलोड किया जा सकता है। इस एप से घर पर लाइट, पंखा और ए.सी. आदि चलने पर कितनी बिजली खर्च हो रही है बारे भी जानकारी मिलेगी।
बाक्स डिजाइनिंग
इस बाक्स में माइक्रो कंट्रोल, स्विच, सैंसर आदि लगाए गए हैं। बॉक्स की कीमत सिर्फ 700 से 800 रुपए होगी। 52 आर्डर आ चुके हैंइस बॉक्स को इन दोनों स्टूडैंट्स ने अस्सिटैंट प्रोफैसर डा. याजविंद्र पाल वर्मा की गाइडैंस में तैयार किया है। डा. याजविंद्र ने बताया कि विदेशों में इस सिस्टम का प्रयोग किया जाता है लेकिन वहां पर जो सिस्टम इसके लिए प्रयोग किया जा रहा है वह भारत में 15 से 20 हजार रुपए में पड़ता है। उन्होंने बताया कि इसके लिए स्टूडैंट्स ने ओकेओटैकोलॉजी.कॉम वैबसाइट भी डिजाइन की है। वैबसाइट पर अब तक बॉक्स को खरीदने के लिए 52 आर्डर आ चुके हैं लेकिन अभी इस बॉक्स को बेचना शुरू नहीं किया है। डा. वर्मा ने बताया कि इस बॉक्स में लगातार सुधार किया जा रहा है।
प्रोजैक्ट का पेटैंट फाइल करवाया जा चुका है
डा. वर्मा ने बताया कि प्रोजैक्ट का पेटैंट फाइल करवाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि कई इंडस्ट्री ने भी हमसे संपर्क किया है लेकिन हमने स्टार्टअप प्रोजैक्ट से जुडऩे का विचार बनाया है, ताकि स्टूडैंट्स अपने स्तर पर इन बॉक्स को बनाकर इन्हें मार्कीट में बेचा जा सके। बायोगैस व सोलर पैनल पर भी कर रहे काम