Edited By Pardeep,Updated: 03 Apr, 2026 05:40 AM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक नया कार्यकारी आदेश जारी किया, जिसके तहत विदेशी दवाओं पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का रास्ता खुल गया है। यह आदेश उन दवाओं पर लागू होगा, जिनके लिए अमेरिकी कंपनियों के साथ विशेष कीमत समझौता नहीं है या...
इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक नया कार्यकारी आदेश जारी किया, जिसके तहत विदेशी दवाओं पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का रास्ता खुल गया है। यह आदेश उन दवाओं पर लागू होगा, जिनके लिए अमेरिकी कंपनियों के साथ विशेष कीमत समझौता नहीं है या जिनका उत्पादन अमेरिका में नहीं हो रहा है।
जो कंपनियां अमेरिका में उत्पादन सुविधाएं स्थापित कर रही हैं और कीमत समझौता कर चुकी हैं, उन्हें इस टैरिफ से पूरी छूट मिलेगी।
किन कंपनियों पर कितना असर… समझिए पूरा गणित
- जो कंपनियां समझौता नहीं करतीं और अमेरिका में उत्पादन भी नहीं करतीं, उन पर 100% टैरिफ लगेगा।
- जो कंपनियां अमेरिका में उत्पादन कर रही हैं लेकिन समझौता नहीं किया है, उन पर 20% टैरिफ लगेगा, जो अगले चार साल में बढ़कर 100% हो जाएगा।
- कंपनियों को बातचीत और समझौते के लिए 120 से 180 दिनों का समय दिया गया है।
ट्रंप ने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है, क्योंकि अमेरिका अभी विदेशी दवाओं और उनके कच्चे माल पर काफी हद तक निर्भर है।
आदेश पर विवाद भी… क्या हैं आलोचना के कारण?
इस फैसले की आलोचना भी शुरू हो गई है। फार्मा ट्रेड ग्रुप PhRMA के CEO Stephen J. Ubl ने चेतावनी दी कि इससे दवाओं की कीमतें बढ़ सकती हैं और अमेरिकी निवेश प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में पहले से ही बायोफार्मास्युटिकल उत्पादन मजबूत है और ज्यादातर दवाएं भरोसेमंद देशों से आती हैं।
सिर्फ दवाएं ही नहीं… धातुओं पर भी कड़ा फैसला
ट्रंप प्रशासन ने धातुओं स्टील, एल्यूमिनियम और तांबे के आयात पर भी 50% टैरिफ लागू करने का अपडेट दिया है। इन धातुओं और उनके मिश्रित उत्पादों पर टैरिफ उनकी पूरी कीमत पर लागू होगा। जिन उत्पादों में 15% से कम धातु है, उन पर देश-विशेष टैरिफ लगेगा। जिनमें धातु की मात्रा ज्यादा है, उन पर 25% टैरिफ लागू होगा।