मुख्यमंत्री ने पंजाबियों को गुमराह करने के लिए उधार को राजस्व के रूप में पेश किया: रोमाणा

Edited By Updated: 03 Oct, 2023 07:38 PM

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शिअद के महासचिव परमबंस सिंह रोमाणा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर पंजाब के वित्त मामले में लोगों को गुमराह करने के लिए उधार को राजस्व के रूप में पेश करने का झूठा दावा करने का आरोप लगाया कि राज्य राजस्व संग्रह में हरियाणा से आगे निकल गया है। यहां एक...

चंडीगढ़,(हरिश्चंद्र): शिअद के महासचिव परमबंस सिंह रोमाणा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर पंजाब के वित्त मामले में लोगों को गुमराह करने के लिए उधार को राजस्व के रूप में पेश करने का झूठा दावा करने का आरोप लगाया कि राज्य राजस्व संग्रह में हरियाणा से आगे निकल गया है। यहां एक प्रैस कांफ्रंैस को संबोधित करते हुए अकाली नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 16,075 करोड़ रुपए के कर्जे के साथ 31,839 करोड़ रुपए का राजस्व का आंकड़ा जोड़ा है और उन्हें 47,923 करोड़ रुपए की अनुमानित राजस्व आय के अनुमान में मिला दिया, जो पंजाबियों के साथ धोखाधड़ी के समान है।

 

 

 

 

उन्होंने कहा कि यह उतना ही शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री ने इन फर्जी आंकड़ों का उपयोग करने और अपने आधिकारिक हैंडल पर गलत सूचना अभियान शुरू करने का विकल्प चुना है। रोमाणा ने कहा कि यह भी एक तथ्य है कि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में पंजाब के राजस्व में 2000 करोड़ रुपए की कमी आई है, जबकि राज्य की उधारी तीन गुना बढ़ गई है। इसकी पुष्टि करते हुए उन्होंने कहा कि अप्रैल से अगस्त 2022 की अवधि के लिए कुल राजस्व 33,702 करोड़ रुपए था, जबकि इस साल इसी अवधि के दौरान 31,839 करोड़ रुपए रहा। इसी तरह जहां अप्रैल से अगस्त 2022 के दौरान उधारी 5589 करोड़ रुपए थी, वहीं इस साल इसी अवधि के दौरान यह तीन गुना से अधिक बढ़कर 16,075 करोड़ रुपए हो गई है।

 

 


अकाली नेता ने मुख्यमंत्री के इस दावे को भी कोरा झूठ बताया कि पंजाब ने इस वित्तीय वर्ष के पहले 5 महीनों के दौरान राजस्व संग्रह में हरियाणा को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की सी.ए.जी. रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा का कुल राजस्व 40,757 करोड़ रुपए था, जबकि पंजाब का राजस्व 31,839 करोड़ रुपए था। उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि इस अवधि के दौरान हरियाणा की कमाई पंजाब से 9000 करोड़ रुपए अधिक थी।

 

 


रोमाणा ने कहा कि सिर्फ इतना ही नहीं, अपै्रल-अगस्त के दौरान हरियाणा ने अन्य सभी मापदंडों में पंजाब को पीछे छोड़ दिया। पंजाब के 8,473 करोड़ रुपए के मुकाबले हरियाणा ने जी.एस.टी. संग्रह से 13,462 करोड़ रुपए कमाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण से 3,800 करोड़ रुपए जबकि पंजाब ने 1,803 करोड़ रुपए की कमाई की। सेल्स टैक्स में भी हरियाणा ने बेहतर प्रदर्शन किया है और 4,687 करोड़ रुपए कमाए, जबकि पंजाब ने 2,691 करोड़ रुपए कमाए। अकाली नेता ने कहा कि पंजाबी जानना चाहते हैं कि उनका पैसा कहां गया? उन्होंने कहा कि वह वित्त मंत्री हरपाल चीमा या किसी अन्य आप प्रतिनिधि को अपने पंसद के समय और स्थान पर सी.ए.जी. आंकड़ों पर खुली बहस की चुनौती देते हैं।

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