Edited By Prachi Sharma,Updated: 19 Mar, 2026 07:44 AM
Ayodhya Ram Mandir : हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के पहले दिन अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा है। इस शुभ अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की विधिवत स्थापना करेंगी। इस...
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Ayodhya Ram Mandir : हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के पहले दिन अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा है। इस शुभ अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की विधिवत स्थापना करेंगी। इस भव्य कार्यक्रम में लगभग सात हजार विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अयोध्या आगमन सुबह करीब 11 बजे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर होगा। वहां से वे सड़क मार्ग के जरिए आद्य शंकराचार्य द्वार (गेट नंबर 11) से मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगी। अयोध्या में उनका कार्यक्रम लगभग चार घंटे का निर्धारित है।
मंदिर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति सबसे पहले रामलला के दरबार में दर्शन कर आशीर्वाद लेंगी। इसके बाद लिफ्ट के माध्यम से मंदिर के दूसरे तल पर जाकर श्रीराम यंत्र की स्थापना और पूजा-अर्चना में भाग लेंगी। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, सदस्य जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ सहित कई प्रमुख संत और आचार्य मौजूद रहेंगे।
श्रीराम यंत्र की स्थापना के बाद राष्ट्रपति मंदिर के प्रथम तल पर विराजमान राम परिवार की आरती और पूजन करेंगी। इसके पश्चात वे सप्तमंडपम में स्थित महर्षि वाल्मीकि, माता शबरी और निषादराज के मंदिरों में भी दर्शन करेंगी। इन स्थलों पर उनका जाना सामाजिक समरसता और वंचित वर्गों के सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है।
इसके बाद राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगी, जहां राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समारोह का संचालन करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत गोविंद देव गिरि के स्वागत भाषण से होगी, जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना संबोधन देंगे। इसके पश्चात केरल की आध्यात्मिक गुरू माता अमृतानंदमयी और दत्तात्रेय होसबोले भी अपने विचार रखेंगे। अंत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगी। वह दोपहर तीन बजे तक मंदिर परिसर में रहेंगी और लगभग 3:15 बजे हवाई अड्डे से दिल्ली के लिए रवाना होंगी।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों से भी संवाद कर सकती हैं, जो इस आयोजन का एक भावनात्मक पहलू होगा। इस समारोह में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कारसेवक, लगभग 300 संत-धर्माचार्य, मंदिर निर्माण में सहयोग देने वाली 300 एजेंसियों के प्रतिनिधि, करीब 400 श्रमिक और 1800 से अधिक कर्मचारी शामिल होंगे। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया जाएगा, जिससे देश और विदेश में बैठे श्रद्धालु इस दिव्य क्षण को देख सकेंगे।
राष्ट्रपति के अयोध्या आगमन को भव्य बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापक तैयारियां की हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य विभाग मिलकर शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में जुटे हैं। राष्ट्रपति के प्रस्तावित मार्गों, राम मंदिर परिसर, सरयू घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष सफाई और सौंदर्यीकरण अभियान चलाया जा रहा है।
नगर निगम द्वारा पूरे क्षेत्र में सफाई अभियान तेज कर दिया गया है। सड़कों की सफाई के लिए आधुनिक स्वीपिंग मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जबकि सरयू घाटों को जेटिंग मशीनों से धोकर साफ किया जा रहा है। साथ ही संत तुलसीदास घाट, सरयू स्नान घाट और कई अंडरपासों पर विशेष प्रकाश व्यवस्था की गई है, ताकि शाम के समय भी क्षेत्र सुरक्षित और आकर्षक दिखाई दे।
राष्ट्रपति के आगमन को ध्यान में रखते हुए लगभग 500 सफाई कर्मचारियों को विशेष रूप से तैनात किया गया है, जो उनके प्रस्थान तक लगातार सफाई व्यवस्था बनाए रखेंगे। अधिकारी स्वयं इस व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं ताकि कोई कमी न रह जाए।
श्रीराम यंत्र की स्थापना 19 मार्च को अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11:55 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच की जाएगी। इससे पहले यज्ञमंडप में अभिषेक और पूजन के बाद श्रीराम यंत्र को मंदिर के दूसरे तल पर स्थापित किया जाएगा। इसी दिन हिंदू नवसंवत्सर की भी शुरुआत हो रही है, जिसे शुभ और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस वर्ष के राजा देव गुरु बृहस्पति और मंत्री मंगल होंगे, जिससे आने वाला समय आध्यात्मिक गतिविधियों और सकारात्मक परिवर्तन के लिए अनुकूल माना जा रहा है।