Edited By Prachi Sharma,Updated: 22 Jan, 2026 10:15 AM

Banke Bihari VIP Darshan : वृंदावन के प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में प्रतिदिन भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार...
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Banke Bihari VIP Darshan : वृंदावन के प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में प्रतिदिन भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार तय किए हैं। सामान्य दर्शनार्थियों के लिए गेट नंबर 2 और 3 से प्रवेश की व्यवस्था है, जबकि बाहर निकलने के लिए गेट नंबर 4 निर्धारित किया गया है। विशेष दर्शन यानी वीआईपी दर्शन के लिए गेट नंबर 5 का उपयोग किया जाता है, जिसके लिए पहले से तय प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक होता है।
अक्सर ऐसा देखा जाता है कि मंदिर पहुंचने के बाद कुछ लोग तुरंत वीआईपी दर्शन की मांग करने लगते हैं। इसी जल्दबाजी में कई श्रद्धालु दलालों या गलत लोगों के बहकावे में आकर ठगी का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में यदि कोई भक्त बांके बिहारी मंदिर में वीआईपी दर्शन करना चाहता है, तो उसे पहले से नियमों और सही प्रक्रिया की जानकारी होना बेहद जरूरी है।
मंदिर प्रशासन से जुड़े आशीष गोस्वामी के मुताबिक, गेट नंबर 5 केवल वी.आई.पी दर्शन के लिए आरक्षित है। इस गेट से दर्शन करने के इच्छुक श्रद्धालुओं को एक दिन पहले अपना नाम और आधार कार्ड की प्रति उपलब्ध करानी होती है। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर वी.आई.पी दर्शन की सूची तैयार की जाती है और अगले दिन संबंधित श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति मिलती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर के बाहर कुछ लोग गेट नंबर 5 से दर्शन कराने का झूठा दावा करते हैं, जिनसे सावधान रहने की जरूरत है।
मथुरा के संवाददाता मोहन श्याम शर्मा के अनुसार, जो श्रद्धालु किसी सेवायत के यजमान होते हैं, उन्हें अपने गोस्वामी जी को पहले से पहचान पत्र देना होता है। सेवायत उस आईडी प्रूफ को प्रिंट कराकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम सूची में दर्ज कराते हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि वी.आई.पी दर्शन के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
सेवायतों के यजमान, सेवायत परिवार के सदस्य और वीआईपी श्रद्धालु गेट नंबर 5 से प्रवेश करते हैं। इस गेट पर आमतौर पर भीड़ कम होती है, जिससे दर्शन अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण और सुविधाजनक हो जाते हैं। हालांकि, केवल भीड़ से बचने के लिए सीधे गेट नंबर 5 पर पहुंचने वालों को अब प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वी.आई.पी दर्शन के लिए पहले सत्यापन किया जाएगा और जांच पूरी होने के बाद ही श्रद्धालुओं को अंदर जाने की अनुमति मिलेगी।