Edited By Sarita Thapa,Updated: 28 Feb, 2026 10:44 AM

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में होली 2026 के अवसर पर सुरक्षा और मर्यादा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाए हैं।
Ujjain Mahakaleshwar Temple Holi Rules : होलिका पर्व (02 एवं 03 मार्च 2026) के उपलक्ष्य में मंदिर की परंपराओं के सम्यक निर्वहन हेतु मंदिर प्रशासन द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि गर्भगृह, नंदी मंडपम्, गणेश मंडपम्, कार्तिकेय मंडपम् सहित संपूर्ण मंदिर परिसर एवं महाकाल लोक क्षेत्र में किसी भी प्रकार का रंग-गुलाल ले जाना, रंग उड़ाना, आपस में रंग लगाना अथवा किसी विशेष उपकरण से रंग उड़ाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
होलिका पर्व हेतु जारी दिशा-निर्देश
मंदिर परिसर एवं महाकाल लोक में कार्यरत पुजारी, पुरोहित, प्रतिनिधि, अधिकारी, पुलिसकर्मी, कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी, सफाई कर्मचारी, सेवक, परिसर स्थित अन्य छोटे-बड़े मंदिरों के पुजारी एवं समस्त आउटसोर्स कर्मचारी किसी भी प्रकार का रंग-गुलाल लेकर प्रवेश नहीं करेंगे तथा आपस में रंग लगाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
समस्त श्रद्धालु मंदिर परिसर एवं महाकाल लोक में रंग-गुलाल लेकर प्रवेश नहीं कर सकेंगे एवं आपस में रंग नहीं लगा सकेंगे। जांच उपरांत ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा।
सभी प्रवेश द्वारों पर तैनात निरीक्षक एवं सुरक्षाकर्मी श्रद्धालुओं के साथ विनम्र एवं सौजन्यपूर्ण व्यवहार रखते हुए सतत जांच सुनिश्चित करेंगे ताकि कोई भी व्यक्ति रंग-गुलाल लेकर प्रवेश न कर सके।
मंदिर परिसर एवं महाकाल लोक में कार्यरत सभी संबंधित कर्मचारी एवं सेवक अपने साथ लाए गए सामान की स्वयं जांच कराकर ही प्रवेश करेंगे।
मंदिर कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से समस्त द्वारों एवं संपूर्ण परिसर की सतत निगरानी रखेंगे, जिससे किसी भी प्रकार के रंग-गुलाल अथवा विशेष उपकरण के प्रवेश एवं उपयोग को रोका जा सके।
भगवान श्री महाकालेश्वर जी की त्रिकाल आरती के दौरान प्रत्येक आरती में 1-1 किलोग्राम हर्बल गुलाल प्रतीकात्मक रूप से अर्पित किया जाएगा। यह हर्बल गुलाल मंदिर की कोठार शाखा द्वारा भस्म आरती पुजारी, शयन आरती पुजारी एवं शासकीय पुजारी को उपलब्ध कराया जाएगा।
मंदिर प्रशासन ने अपील की है कि होलिका पर्व मंदिर परिसर एवं महाकाल लोक की गरिमा के अनुरूप हर्षोल्लास, आनंद एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाए। उपरोक्त आदेशों का अक्षरशः पालन अनिवार्य होगा। उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी, जिसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी संबंधित की होगी।
विशाल ठाकुर