Edited By Sarita Thapa,Updated: 28 Feb, 2026 08:01 AM

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में होली 2026 के अवसर पर सुरक्षा और मर्यादा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाए हैं।
Ujjain Mahakaleshwar Temple Holi Rules : उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में होली 2026 के अवसर पर सुरक्षा और मर्यादा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाए हैं। पिछले वर्ष भस्म आरती के दौरान हुई अग्निकांड की घटना से सबक लेते हुए, इस बार 2 और 3 मार्च को विशेष नियम लागू किए गए हैं।
रंग और गुलाल पर पूर्ण प्रतिबंध
मंदिर प्रबंधन समिति ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर और महाकाल लोक में बाहरी रंग या गुलाल लाना पूरी तरह वर्जित रहेगा। प्रवेश द्वारों पर सुरक्षाकर्मी कड़ी तलाशी लेंगे ताकि कोई भी ज्वलनशील सामग्री या केमिकल युक्त रंग अंदर न जा सके। न केवल भक्तों, बल्कि पंडे-पुजारियों और मंदिर कर्मचारियों को भी अपने साथ रंग ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
केवल हर्बल गुलाल का होगा प्रयोग
होली की परंपरा को बनाए रखने के लिए मंदिर समिति ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। केवल मंदिर समिति द्वारा उपलब्ध कराए गए हर्बल गुलाल से ही भगवान महाकाल को तिलक लगाया जाएगा। संध्या आरती और भस्म आरती के दौरान बेहद सीमित मात्रा में केसर युक्त जल और प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया जाएगा।
कार्यक्रम और चंद्र ग्रहण का प्रभाव
साल 2026 में होली पर चंद्र ग्रहण का साया होने के कारण तिथियों में कुछ बदलाव देखने को मिल रहा है।
2 मार्च (सोमवार): शाम की आरती के बाद मंदिर परिसर में पारंपरिक होलिका दहन किया जाएगा।
3 मार्च (मंगलवार): तड़के 4 बजे होने वाली भस्म आरती में होली का मुख्य उत्सव मनाया जाएगा। चूंकि इस दिन चंद्र ग्रहण भी है, इसलिए शाम को ग्रहण के बाद मंदिर का शुद्धिकरण किया जाएगा।
सुरक्षा के अत्याधुनिक इंतजाम
पिछली दुर्घटनाओं को देखते हुए मंदिर में Fire Extinguisher Systems लगाए गए हैं। मंदिर के गर्भ गृह का तापमान यदि निर्धारित सीमा से अधिक होता है, तो अलार्म अपने आप बज जाएगा।
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