Edited By Prachi Sharma,Updated: 15 Jan, 2026 12:22 PM

Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी का त्योहार हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह दिन ज्ञान, कला, संगीत और बुद्धि की देवी मां सरस्वती के अवतरण का उत्सव है। वर्ष 2026 में बसंत पंचमी के समय कई विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षाएं, प्रतियोगी परीक्षाएं और...
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Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी का त्योहार हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह दिन ज्ञान, कला, संगीत और बुद्धि की देवी मां सरस्वती के अवतरण का उत्सव है। वर्ष 2026 में बसंत पंचमी के समय कई विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षाएं, प्रतियोगी परीक्षाएं और विश्वविद्यालय की परीक्षाएं नजदीक होंगी। ऐसे में मन में घबराहट और एकाग्रता की कमी होना स्वाभाविक है। शास्त्रों में माना गया है कि यदि पूरी श्रद्धा के साथ इस दिन कुछ विशेष उपाय किए जाएं, तो मां सरस्वती की कृपा से न केवल स्मरण शक्ति बढ़ती है, बल्कि कठिन से कठिन परीक्षा में सफलता के मार्ग प्रशस्त होते हैं।
बसंत पंचमी और शिक्षा का संबंध
माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ऋतुराज बसंत का आगमन होता है। आध्यात्मिक दृष्टि से यह दिन शिक्षा के आरंभ के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। विद्यार्थियों के लिए यह केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि अपनी मानसिक ऊर्जा को संचित करने और मां सरस्वती से आशीर्वाद लेने का महापर्व है।
एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने के विशेष उपाय
परीक्षा के समय सबसे बड़ी चुनौती होती है पढ़ा हुआ याद रखना। बसंत पंचमी पर किए गए ये उपाय आपकी एकाग्रता बढ़ा सकते हैं:
बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को केसर अर्पित करें और फिर उसी केसर का तिलक अपने माथे पर लगाएं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, केसर गुरु ग्रह का प्रतीक है, जो बुद्धि और ज्ञान के कारक हैं।
इस दिन ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः मंत्र का 108 बार जाप करें। यदि आप पढ़ाई में बार-बार भटक रहे हैं, तो स्फटिक की माला से इस मंत्र का जाप करना आपके मानसिक फोकस को स्थिर करेगा।
पीला रंग उत्साह और स्फूर्ति का प्रतीक है। इस दिन पीले चावल या केसरिया हलवे का भोग लगाकर उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करें।

पढ़ाई के कमरे और मेज के लिए उपाय
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बसंत पंचमी पर अपनी पढ़ाई की जगह में कुछ बदलाव करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है-
अपनी सबसे महत्वपूर्ण पुस्तकों और कलम को मां सरस्वती के चरणों में रखें। पूजा के बाद उसी कलम से अपनी परीक्षा की तैयारी शुरू करें। माना जाता है कि इससे लिखने की क्षमता और विचार स्पष्ट होते हैं।
अपनी मुख्य पाठ्यपुस्तक में एक मोर पंख रखें। यह न केवल नकारात्मकता दूर करता है, बल्कि एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है।
उत्तर-पूर्व दिशा: यदि संभव हो, तो अपनी पढ़ाई की मेज को कमरे के उत्तर-पूर्व में रखें। बसंत पंचमी के दिन अपनी मेज की सफाई करें और वहां मां सरस्वती की एक छोटी तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।
परीक्षा में सफलता के लिए ज्योतिषीय उपाय
यदि आपको किसी विशेष विषय से डर लगता है, तो जिन छात्रों को याद किया हुआ बोलने में कठिनाई होती है, वे इस दिन मां सरस्वती को शहद अर्पित करें और फिर उस शहद की एक बूंद अपनी जीभ पर रखें। यदि बुद्धि में भ्रम की स्थिति बनी रहती है, तो मां सरस्वती को हरे फल चढ़ाएं और फिर उन्हें छोटे बच्चों में बांट दें। आयुर्वेद और अध्यात्म दोनों में ब्राह्मी को याददाश्त बढ़ाने वाला माना गया है। बसंत पंचमी से इसे नियमपूर्वक लेना शुरू करना शुभ होता है।
