Edited By Niyati Bhandari,Updated: 23 Jun, 2026 02:42 PM

पौंग बांध के जलस्तर में लगातार कमी आने के बाद ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखने वाली बाथू की लड़ी के प्राचीन मंदिर लगभग 9 महीने बाद एक बार फिर पानी से बाहर दिखाई देने लगे हैं। लंबे समय तक जलमग्न रहने के बाद मंदिरों का पुनः दर्शन होने से श्रद्धालुओं,...
नगरोटा सूरियां (नंदपुरी) : पौंग बांध के जलस्तर में लगातार कमी आने के बाद ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखने वाली बाथू की लड़ी के प्राचीन मंदिर लगभग 9 महीने बाद एक बार फिर पानी से बाहर दिखाई देने लगे हैं। लंबे समय तक जलमग्न रहने के बाद मंदिरों का पुनः दर्शन होने से श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
वर्तमान में मंदिरों के मुख्य ढांचे पानी से बाहर निकल आए हैं, हालांकि मंदिर परिसर के चारों ओर अभी भी पानी मौजूद है। जलस्तर पूरी तरह कम न होने के कारण मंदिर तक सीधा पैदल मार्ग अभी उपलब्ध नहीं हो पाया है।
बाथू की लड़ी को हिमाचल प्रदेश की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों में गिना जाता है। मान्यता है कि इन मंदिरों का निर्माण पांडवों द्वारा अपने अज्ञातवास काल के दौरान किया गया था।
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