Edited By Prachi Sharma,Updated: 18 Feb, 2026 08:05 AM

Char Dham Yatra 2026 : उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा से जुड़ा एक अहम अपडेट सामने आया है। राज्य सरकार तीर्थयात्रियों से ऑनलाइन पंजीकरण के दौरान शुल्क लेने की संभावना पर विचार कर रही है। हालांकि इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया...
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Char Dham Yatra 2026 : उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा से जुड़ा एक अहम अपडेट सामने आया है। राज्य सरकार तीर्थयात्रियों से ऑनलाइन पंजीकरण के दौरान शुल्क लेने की संभावना पर विचार कर रही है। हालांकि इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है। पहले इसके विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा।
इसके लिए गढ़वाल मंडल के आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है। यह कमेटी यात्रा से जुड़े सभी पक्षों से चर्चा कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। रिपोर्ट में यह सुझाव दिया जाएगा कि पंजीकरण शुल्क लगाया जाना चाहिए या नहीं, और यदि लगाया जाए तो उसकी राशि कितनी हो सकती है। अंतिम फैसला सरकार ही करेगी।
विभिन्न पक्षों से की गई चर्चा
पिछले कुछ समय से इस विषय पर गंभीर विचार-विमर्श चल रहा था। चारधाम यात्रा से जुड़े होटल संचालकों, तीर्थ पुरोहितों, स्थानीय व्यापारियों और अन्य संबंधित हितधारकों से कई चरणों में बातचीत की गई। इन चर्चाओं के बाद सिद्धांत रूप में पंजीकरण शुल्क के प्रस्ताव को सकारात्मक संकेत मिले हैं।
शुल्क लगाने की संभावित वजहें
सरकार का मानना है कि यदि पंजीकरण शुल्क लागू किया जाता है तो यात्रा प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा। इससे अवांछित या असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखना आसान होगा। साथ ही, केवल गंभीर श्रद्धालु ही यात्रा के लिए पंजीकरण कराएंगे। ऑनलाइन प्रक्रिया को अधिक जिम्मेदार और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को भी बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा में भाग लेते हैं। अब जब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो चुका है, प्रशासन यात्रा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। समिति की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शुल्क लागू किया जाएगा या नहीं और यदि हां, तो उसकी दर क्या होगी।