Edited By Prachi Sharma,Updated: 21 Feb, 2026 01:04 PM

Char Dham Yatra 2026 : आगामी चारधाम यात्रा के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सुरक्षित हेलिकॉप्टरों की उड़ान के लिए पल-पल की मौसम की जानकारी मिलेगी। इसके लिए पहली बार केदारनाथ व बदरीनाथ धाम में हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) प्रणाली स्थापित की...
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Char Dham Yatra 2026 : आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए इस बार प्रशासन विशेष तैयारी कर रहा है। ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम के अचानक बदलते मिजाज को देखते हुए पहली बार केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) प्रणाली स्थापित की जाएगी। इसका उद्देश्य हेलिकॉप्टर सेवाओं को अधिक सुरक्षित बनाना और यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करना है।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों—जैसे केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और हेमकुंड साहिब—में मौसम तेजी से बदलता है। घाटियों में अचानक धुंध छा जाना या बारिश शुरू हो जाना हेलिकॉप्टर संचालन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। बीते वर्ष केदारनाथ और उत्तरकाशी में हुए दो अलग-अलग हेलिकॉप्टर हादसों में 13 लोगों की जान चली गई थी। इन घटनाओं के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया।
पहले चरण में सिरसी और सहस्त्रधारा हेलिपैड पर एयर ट्रैफिक सर्विस (एटीएस) प्रणाली लागू की गई थी। अब यात्रा शुरू होने से पहले केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में भी एटीसी सिस्टम लगाया जाएगा। इस नई व्यवस्था के जरिए मौसम की पल-पल की सटीक जानकारी उपलब्ध होगी। साथ ही हेलिकॉप्टरों की लाइव ट्रैकिंग की जाएगी, जिससे उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान के अनुसार, प्रदेश में हेली सेवाओं को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। केदारनाथ हेली सेवा के लिए टेंडर प्रक्रिया 25 फरवरी तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद एटीसी सिस्टम स्थापित करने का कार्य शुरू होगा।
नई तकनीक के लागू होने के बाद यदि मौसम प्रतिकूल पाया जाता है, तो हेलिकॉप्टरों को उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।