16 जुलाई को निकलेगी जगन्नाथ जी की 59वीं भव्य रथ यात्रा, पहली बार होंगे तीन अलग-अलग रथ

Edited By Updated: 21 Jun, 2026 05:09 PM

delhi gears up for 59th jagannath rath yatra

इस वर्ष के रथ यात्रा महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण तीन पृथक रथों नंदीघोष, तलध्वज और देवदलन का शुभारंभ होगा। ये रथ क्रमशः महाप्रभु श्रीजगन्नाथ, महाप्रभु श्रीबलभद्र एवं देवी सुभद्रा को समर्पित होंगे।

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। श्री जगन्नाथ मंदिर, त्यागराज नगर, नई दिल्ली में आगामी 16 जुलाई 2026 को महाप्रभु श्रीजगन्नाथ जी की 59वीं रथ यात्रा अत्यंत भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप में आयोजित की जाएगी। यह जानकारी मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा रविवार को मंदिर परिसर में आयोजित प्रेस सम्मेलन के दौरान दी गई। मंदिर की वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार इस वर्ष 17 जुलाई से 27 जुलाई 2026 तक 11 दिवसीय रथ यात्रा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रतिदिन सायंकाल विभिन्न सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी।

इस वर्ष के रथ यात्रा महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण तीन पृथक रथों नंदीघोष, तलध्वज और देवदलन का शुभारंभ होगा। ये रथ क्रमशः महाप्रभु श्रीजगन्नाथ, महाप्रभु श्रीबलभद्र एवं देवी सुभद्रा को समर्पित होंगे। पुरी की परंपरा के अनुरूप होने जा रही यह व्यवस्था दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पहली बार देखने को मिलेगी।

महिला सशक्तिकरण एवं लैंगिक समानता का संदेश देने के उद्देश्य से देवी सुभद्रा के देवदलन रथ को केवल महिला श्रद्धालुओं द्वारा खींचा जाएगा। मंदिर प्रशासन के अनुसार यह पहल इस वर्ष के आयोजन का विशेष आकर्षण होगी। तीनों रथों का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है।

रथ यात्रा के दिन 16 जुलाई को प्रातः 10:30 बजे पारंपरिक ‘पाहंडी बीजे’ अनुष्ठान के माध्यम से भगवानों को गर्भगृह से बाहर लाया जाएगा। दोपहर 1 बजे तक उन्हें श्री जगन्नाथ मार्ग (बड़दांडा) पर स्थापित उनके-अपने रथों पर विराजमान किया जाएगा। इसके पश्चात मंदिर के नामित गजपति एवं पूर्व निदेशक (ओआईएल) श्री सुधाकर मोहापात्र द्वारा पारंपरिक ‘छेरा पहंरा’ अनुष्ठान संपन्न किया जाएगा। रथ यात्रा का शुभारंभ अपराह्न 3 बजे त्यागराज स्टेडियम के मुख्य द्वार से होगा।

यात्रा श्री जगन्नाथ मार्ग, विकास सदन चौराहा, आईएनए मार्केट सर्विस लेन, श्री अरविंदो मार्ग के समानांतर मार्ग, आईएनए मेट्रो स्टेशन (पिंक लाइन) तथा राज्यसभा कर्मचारी आवासीय परिसर से होकर श्री गुंडिचा मंदिर पहुँचेगी, जहां भगवान नौ दिनों तक वार्षिक प्रवास पर विराजमान रहेंगे। मंदिर प्रशासन ने बताया कि इस अवसर पर 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, पेयजल, जल छिड़काव तथा निःशुल्क अन्न प्रसाद वितरण की व्यापक व्यवस्था की गई है।

संस्कृति विभाग, ओडिशा सरकार द्वारा प्रायोजित सांस्कृतिक दल रथ यात्रा के दौरान पारंपरिक मार्शल आर्ट, ओडिसी, कथक, संबलपुरी तथा अन्य लोक एवं सांस्कृतिक नृत्यों की प्रस्तुति देंगे। महोत्सव परिसर में मेले जैसा वातावरण तैयार किया जाएगा, जहां प्रतिदिन लगभग 5 हजार श्रद्धालुओं के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने की संभावना है।

महोत्सव के दौरान बच्चों एवं महिलाओं के लिए नृत्य, संगीत, चित्रकला और विभिन्न भक्ति-आधारित प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा। विजेताओं को समापन समारोह में सम्मानित किया जाएगा। रथ यात्रा 2026 की पूर्वपीठिका के रूप में 29 जून को स्नान पूर्णिमा उत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर भगवानों को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। इसके बाद भगवान अनसर (अनवसर) अवधि में प्रवेश करेंगे, जब वे स्नान यात्रा के पश्चात विश्राम एवं स्वास्थ्य लाभ हेतु भक्तों के प्रत्यक्ष दर्शन से विराम लेते हैं।

इस भव्य आयोजन में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, अश्विनी वैष्णव, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज, स्थानीय विधायक नीरज बसोया सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया है।

प्रेस सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंदिर के उपाध्यक्ष देवानंद साहू तथा मानद महासचिव के. डी. बिस्वाल ने सभी श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों एवं शुभचिंतकों से रथ यात्रा महोत्सव को सफल बनाने हेतु सहयोग, सहभागिता और उदारतापूर्वक दान देने की अपील की।

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