Dhar Bhojshala Controversy: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में हिंदूू पक्ष ने कहा, ‘भोजशाला’ देवी सरस्वती का मंदिर है, यह कतई मस्जिद नहीं हो सकता

Edited By Updated: 07 Apr, 2026 08:41 AM

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हिंदू पक्ष ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सोमवार को कहा कि धार के विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर की मूल प्रकृति देवी सरस्वती के मंदिर की है और यह ऐतिहासिक स्मारक

इंदौर (प.स.): हिंदू पक्ष ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सोमवार को कहा कि धार के विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर की मूल प्रकृति देवी सरस्वती के मंदिर की है और यह ऐतिहासिक स्मारक एक मस्जिद कतई नहीं हो सकता।  हिंदू पक्ष के मुताबिक ऐतिहासिक रिकॉर्ड और विवादित परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ए.एस.आई.) के वैज्ञानिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट उसके इस दावे का समर्थन करती है। 

भोजशाला को हिंदू समुदाय वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष 11वीं सदी के इस स्मारक को कमाल मौला मस्जिद बताता है। यह विवादित परिसर ए.एस.आई. द्वारा संरक्षित है।  

याचिकाकर्त्ताओं में शामिल संगठन ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ की ओर से पैरवी करते हुए विष्णु शंकर जैन ने अदालत में कहा कि ऐतिहासिक रिकॉर्ड, ए.एस.आई. के वैज्ञानिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट और याचिका के साथ पेश तथ्यात्मक सामग्री साबित करती है कि विवादित परिसर का मूल चरित्र या प्रकृति देवी सरस्वती के मंदिर की है।

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