दिवाली पर बर्न इमरजेंसी से निपटने को अस्पताल अलर्ट, मरीजों के इलाज के लिए खास इंतजाम

Edited By Updated: 05 Nov, 2026 09:14 AM

diwali burn emergency hospital alert 2026

दिवाली पर पटाखों की चिंगारी और दीयों की आग से होने वाले हादसों में घायलों को इलाज मिलने में देरी न हो, इसके लिए दिल्ली के बड़े अस्पतालों ने कमर कस ली है। एम्स, सफदरजंग, आरएमएल, लोकनायक, जीटीबी, डीडीयू और लेडी हार्डिंग से जुड़े अस्पतालों में 24 घंटे...

नई दिल्ली (संतोष सूर्यवंशी/नवोदय टाइम्स) : दिवाली पर पटाखों की चिंगारी और दीयों की आग से होने वाले हादसों में घायलों को इलाज मिलने में देरी न हो, इसके लिए दिल्ली के बड़े अस्पतालों ने कमर कस ली है। एम्स, सफदरजंग, आरएमएल, लोकनायक, जीटीबी, डीडीयू और लेडी हार्डिंग से जुड़े अस्पतालों में 24 घंटे आपात चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। बर्न विभागों में अतिरिक्त बेड, डॉक्टरों की विशेष टीमें और जरूरी दवाओं का इंतजाम किया गया है।

जीटीबी में तीन टीमें संभालेंगी मोर्चा
जीटीबी अस्पताल के एएमएस डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि राजीव गांधी सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल स्थित जीटीबी के कैजुअल्टी विभाग में डॉक्टरों और नर्सों की तीन टीमें अलग-अलग शिफ्ट में 24 घंटे तैनात रहेंगी। बर्न वार्ड का बैकअप भी तैयार रखा गया है।

सफदरजंग में 30 अतिरिक्त बेड
सफदरजंग अस्पताल के बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग की डॉ. सविता अरोड़ा ने बताया कि 30 अतिरिक्त बेड और 20 डॉक्टरों की विशेष टीम तैयार की गई है। वहीं, लोकनायक अस्पताल में बर्न विभाग के 10 और आईसीयू के 10 बेड आरक्षित रखे गए हैं। यहां भी डॉक्टर चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे।

लेडी हार्डिंग में 15 बेड आरक्षित   
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से जुड़े कलावती सरन और सुचेता कृपलानी अस्पतालों में भी आपात उपचार की व्यवस्था की गई है। विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपम प्रकाश के मुताबिक, पिछले वर्षों की तरह इस बार भी आग से झुलसे मरीजों के लिए 10 से 15 बेड आरक्षित रखे गए हैं। डीडीयू अस्पताल में भी इमरजेंसी और एनेस्थीसिया सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी।

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