Edited By Niyati Bhandari,Updated: 03 Mar, 2026 11:50 AM

March 2026 Ekadashi Dates: हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में दो एकादशी तिथियां आती हैं, जो भगवान विष्णु की उपासना के लिए समर्पित होती हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक एकादशी व्रत रखने से पापों का क्षय होता है और जीवन में सुख-शांति व...
March 2026 Ekadashi Dates: हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में दो एकादशी तिथियां आती हैं, जो भगवान विष्णु की उपासना के लिए समर्पित होती हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक एकादशी व्रत रखने से पापों का क्षय होता है और जीवन में सुख-शांति व समृद्धि का आगमन होता है। मार्च 2026 में दो प्रमुख एकादशी व्रत पड़ेंगे। पापमोचनी एकादशी और कामदा एकादशी। आइए जानते हैं इनकी सही तिथियां, व्रत का दिन और पारण का समय।

मार्च 2026 की पहली एकादशी: पापमोचनी एकादशी
चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहा जाता है।
एकादशी तिथि प्रारंभ: 14 मार्च 2026, सुबह 08:10 बजे
एकादशी तिथि समाप्त: 15 मार्च 2026, सुबह 09:16 बजे
उदयातिथि के अनुसार पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च 2026 (रविवार) को रखा जाएगा।
पारण समय: 16 मार्च 2026, सुबह 06:30 बजे से 08:54 बजे तक

पापमोचनी एकादशी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत व्यक्ति के जाने-अनजाने में किए गए पापों का नाश करता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र-जप और दान का विशेष महत्व है। इसे आत्मिक और मानसिक शुद्धि के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
मार्च 2026 की दूसरी एकादशी: कामदा एकादशी
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को कामदा एकादशी कहा जाता है।
एकादशी तिथि प्रारंभ: 28 मार्च 2026, सुबह 08:45 बजे
एकादशी तिथि समाप्त: 29 मार्च 2026, सुबह 07:46 बजे
उदयातिथि के अनुसार कामदा एकादशी का व्रत 29 मार्च 2026 (रविवार) को रखा जाएगा।
पारण समय: 30 मार्च 2026, सुबह 06:14 बजे से 07:09 बजे तक

कामदा एकादशी का महत्व
कामदा एकादशी को मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाला व्रत माना गया है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक यह व्रत करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
एकादशी व्रत का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन व्रत, उपवास, भजन-कीर्तन और दान करने से आध्यात्मिक उन्नति होती है। मान्यता है कि नियमित रूप से एकादशी व्रत रखने से मन की शुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन में संतुलन बना रहता है।
