Hariyali Teej: वृंदावन में हरियाली तीज पर होगा अद्भुत नज़ारा, अनूठे रूप में सजेंगे बांके बिहारी और लगेगा खास भोग

Edited By Updated: 18 Jul, 2025 12:36 PM

hariyali teej

Banke Bihari Hindola Utsav 2025: हरियाली तीज आते ही वृंदावन धाम की रौनक देखते ही बनती है। सावन के महीने की इस खास तीज पर जहां एक ओर महिलाएं शिव-पार्वती के पुनर्मिलन का पर्व मनाती हैं, वहीं वृंदावन में यह दिन राधा-कृष्ण प्रेम लीला को समर्पित होता है।...

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Banke Bihari Hindola Utsav 2025: हरियाली तीज आते ही वृंदावन धाम की रौनक देखते ही बनती है। सावन के महीने की इस खास तीज पर जहां एक ओर महिलाएं शिव-पार्वती के पुनर्मिलन का पर्व मनाती हैं, वहीं वृंदावन में यह दिन राधा-कृष्ण प्रेम लीला को समर्पित होता है। कहा जाता है कि बांके बिहारी जी के दरबार में हर पर्व पर अलग-अलग भोग और विशेष साज-सज्जा की परंपरा है लेकिन हरियाली तीज की बात ही कुछ और है। इस दिन बांके बिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है और चारों ओर हरियाली का उल्लास दिखाई देता है।

Banke Bihari Hindola Utsav
विशेष हिंडोले में विराजमान होते हैं बांके बिहारी
बांके बिहारी मंदिर के अंग सेवक और पुजारी संयम गोस्वामी ने जानकारी दी कि इस बार 27 जुलाई को हरियाली तीज के दिन बांके बिहारी जी अपने गर्भगृह से बाहर आकर सोने और चांदी से बने विशेष हिंडोले में विराजमान होंगे। बिहारी जी को झूले में बैठकर दर्शन देते देखना हर भक्त का सौभाग्य होता है। मंदिर सुबह 6:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक और फिर शाम 4 बजे से रात 9:30 बजे तक खुला रहता है। इस दौरान हजारों भक्त हिंडोला दर्शन करने के लिए वृंदावन पहुंचते हैं।

Banke Bihari Hindola Utsav
 
बांके बिहारी जी पहनते हैं खास पोशाक
हरियाली तीज पर बांके बिहारी मंदिर में सिर्फ हरे रंग का महत्व होता है। मंदिर को हरे रंग के फूलों और बैलूनों से सजाया जाता है, जो सावन की ताजगी और हरियाली का प्रतीक होते हैं। इस दिन बिहारी जी को भी हरे रंग की खास पोशाक पहनाई जाती है। यह पोशाक या तो मंदिर की हवेली से लाई जाती है या फिर दिल्ली के रतीराम से विशेष रूप से मंगाई जाती है। हरी पोशाक में सजकर बिहारी जी के दर्शन कर भक्त धन्य हो जाते हैं।

PunjabKesari Banke Bihari Hindola Utsav

घेवर और फेनी का खास भोग
हरियाली तीज के दिन बांके बिहारी जी को खास तौर पर घेवर और फेनी का भोग अर्पित किया जाता है। संयम गोस्वामी ने बताया कि यह भोग खास सावन की मिठास को दर्शाता है। आम दिनों में बिहारी जी को रोजाना आठ भोग अर्पित होते हैं, लेकिन हरियाली तीज जैसे अवसर पर घेवर और फेनी का प्रसाद बांटना एक पुरानी परंपरा है। इसे पाने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु वृंदावन पहुंचते हैं। भोग के बाद यह प्रसाद भक्तों में वितरित किया जाता है।

PunjabKesari Banke Bihari Hindola Utsav
 
झूला दर्शन का आनंद
हरियाली तीज पर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर की छटा देखते ही बनती है। हर दिशा में हरियाली, हिंडोले में विराजमान बिहारी जी और घेवर-फेनी का प्रसाद यह सब मिलकर भक्तों को भक्ति और प्रेम के सागर में डुबो देता है। अगर आप भी वृंदावन जाने की सोच रहे हैं तो इस बार हरियाली तीज के दिन बांके बिहारी जी के हिंडोला दर्शन और घेवर-फेनी प्रसाद का सुख जरूर लें।

PunjabKesari Banke Bihari Hindola Utsav

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!