Edited By Prachi Sharma,Updated: 11 Mar, 2026 08:37 AM

Kedarnath Dham 2026 : हाल ही में सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि केदारनाथ धाम की रूप छड़ी और मुकुट गायब हो गए हैं। इस मामले को लेकर उत्तराखंड विधानसभा सत्र के बाद पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। वहीं इस...
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Kedarnath Dham 2026 : हाल ही में सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि केदारनाथ धाम की रूप छड़ी और मुकुट गायब हो गए हैं। इस मामले को लेकर उत्तराखंड विधानसभा सत्र के बाद पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। वहीं इस मुद्दे पर केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग ने सामने आकर स्थिति स्पष्ट की और कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही बातें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं।
रावल ने बताया कि केदारनाथ धाम से जुड़ी परंपराएं बहुत प्राचीन हैं और इनका पालन सदियों से होता आ रहा है। वीरशैव लिंगायत परंपरा में पांच प्रमुख पीठ मानी जाती हैं रामभपुरी, उज्जैनी, केदार, श्रीशैल और काशी। इनमें केदार पीठ, जो कि ऊखीमठ में स्थित वैराग्य पीठ है, चारों युगों से चली आ रही धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
उन्होंने कहा कि परंपरा के अनुसार धर्म प्रचार और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए रावल को रूप छड़ी, मुकुट और अन्य धार्मिक प्रतीक अपने साथ ले जाने की अनुमति होती है। यही कारण है कि समय-समय पर वे इन पवित्र वस्तुओं के साथ विभिन्न धार्मिक आयोजनों में शामिल होते हैं।
रावल ने यह भी बताया कि केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के बाद शीतकाल के दौरान ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में मुकुट धारण की परंपरा निभाई जाती है। उसी परंपरा के तहत वे कई धार्मिक कार्यक्रमों में रूप छड़ी और मुकुट के साथ शामिल होते रहे हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2016 में महाराष्ट्र के नांदेड़ में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में भी वे इन प्रतीकों के साथ शामिल हुए थे। इसी परंपरा को निभाते हुए इस वर्ष भी 5 से 12 फरवरी के बीच नांदेड़ में आयोजित शिव कथा और विश्व शांति यज्ञ कार्यक्रम में वे रूप छड़ी और मुकुट के साथ मौजूद रहे।
रावल के अनुसार फरवरी में रूप छड़ी की विधिवत साधना भी की गई थी और इसके बाद उसे नियमों के अनुसार सुरक्षित जमा करा दिया गया है। इसलिए सोशल मीडिया पर रूप छड़ी और मुकुट के गायब होने की जो खबरें फैल रही हैं, उनका कोई आधार नहीं है और ये केवल अफवाहें हैं।