Edited By Niyati Bhandari,Updated: 06 Jan, 2026 10:25 AM

गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख यात्रा वीजा पर पाकिस्तान गई भारतीय नागरिक सर्बजीत उर्फ नूर हुसैन को पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार करके डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अटारी/लाहौर/अमृतसर/गुरदासपुर (सर्बजीत सिंह बनूड़, आर. गिल, विनोद): गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख यात्रा वीजा पर पाकिस्तान गई भारतीय नागरिक सर्बजीत उर्फ नूर हुसैन को पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार करके डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार सर्बजीत ने पाकिस्तान में धर्म परिवर्तन करके इस्लाम कबूल कर लिया था और नूर हुसैन बन गई थी जिसके बाद पाकिस्तानी सुरक्षा एजैंसियों द्वारा यह कार्रवाई की गई।
इस मामले के संबंध में एक जनहित याचिका (पी.आई.एल.) दायर की गई थी, जिसमें पाकिस्तानी सरकार सहित पाकिस्तानी सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पी.एस.जी.पी.सी.) को भी जवाबदेह बनाया गया। याचिका अभी अदालत में विचाराधीन है, लेकिन देश-विदेश की सिख जत्थेबंदियों (संगठनों) द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा था कि सर्बजीत को तुरंत भारत वापस भेजा जाए क्योंकि इस मामले से विदेशों में सिख समुदाय की छवि पर भी सवाल खड़े हो रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक सर्बजीत को बीती रात एजैंसियों द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था और पाकिस्तान में अवैध रहने के आरोपों के तहत उसे अटारी-वाघा सीमा के माध्यम से डिपोर्ट किया जा रहा है। गौरतलब है कि सर्बजीत कौर, जिला मुक्तसर (भारतीय पंजाब) की रहने वाली है, जो 4 नवम्बर 2025 को 10 दिनों के सिंगल-एंट्री धार्मिक वीजा पर पाकिस्तान गई थी। वीजा की अवधि 13 नवम्बर 2025 तक थी और इसके तहत वह केवल ननकाना साहिब, करतारपुर और अन्य निर्धारित गुरुद्वारों तक ही यात्रा कर सकती थी।
इस मामले पर पाकिस्तान में वर्तमान सिख मंत्री और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष रमेश सिंह अरोड़ा ने सर्बजीत की गिरफ्तारी की पुष्टि की और कहा कि गृह मंत्रालय द्वारा हरी झंडी मिलते ही डिपोर्टेशन की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। सर्बजीत को जीरो लाइन के माध्यम से शाम तक भारतीय सुरक्षा एजैंसियों के हवाले कर दिया जाएगा।