हिंदू धर्म की रक्षा के लिए यदि गुरु साहिब शहादत न देते तो आज विश्व में एक भी हिंदू न होता : अमित शाह

Edited By Updated: 02 Mar, 2026 09:37 AM

guru tegh bahadur

चौक मेहता (पाल, कैप्टन): हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी शताब्दी तथा श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की 350वीं गुरुगद्दी को समर्पित 2 दिवसीय शताब्दी समारोह नवी मुंबई के खारघर में आज चढ़ती कला के साथ सम्पन्न हो गए। ये समारोह गुरु साहिब...

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चौक मेहता (पाल, कैप्टन): हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी शताब्दी तथा श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की 350वीं गुरुगद्दी को समर्पित 2 दिवसीय शताब्दी समारोह नवी मुंबई के खारघर में आज चढ़ती कला के साथ सम्पन्न हो गए। ये समारोह गुरु साहिब की शहादत के ऐतिहासिक महत्व और धार्मिक आजादी की कद्रों-कीमतों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में पूर्णतः सफल रहे।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के विशेष प्रयास और दमदमी टकसाल के प्रमुख संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा की सरपरस्ती तले नागपुर, नांदेड़ और अब खारघर में आयोजित ये समारोह राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बन गए। कार्यक्रम में सिख, सिकलीगर, बंजारा, लुबाणा, मोहयाल, वाल्मीकि तथा भगत नामदेव संप्रदाय सहित विभिन्न समाजों की लाखों संगत एक मंच पर एकत्रित हुई।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यदि गुरु साहिब ने हिंदू धर्म को बचाने के लिए शहादत न दी होती तो आज विश्व में कोई हिंदू न होता। उन्होंने अलग-थलग हो चुके समाज को एक धागे में पिरोने के लिए दमदमी टकसाल प्रमुख और महाराष्ट्र सरकार की सराहना की। इस दौरान उन्हें गुरु साहिब द्वारा रचित ‘जफरनामा’ भेंट कर सम्मानित किया गया। 

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