Edited By Sarita Thapa,Updated: 10 Jan, 2026 01:55 PM

एक व्यक्ति धन के अभाव में इतना दुखी हो गया कि वह आत्महत्या के बारे में सोचने लगा। इससे पहले कि वह कुछ गलत करता, एक मनमौजी व्यक्ति ने उसके कंधे पर हाथ रखते हुए कहा, ‘‘क्या तुम नहीं जानते कि जीवन बहुमूल्य है?
Inspirational Story : एक व्यक्ति धन के अभाव में इतना दुखी हो गया कि वह आत्महत्या के बारे में सोचने लगा। इससे पहले कि वह कुछ गलत करता, एक मनमौजी व्यक्ति ने उसके कंधे पर हाथ रखते हुए कहा, ‘‘क्या तुम नहीं जानते कि जीवन बहुमूल्य है?
यह मानव जीवन क्या धन के अभाव में दुखी होकर आत्महत्या करने के लिए ही मिला है?
इससे अच्छा है हंसो और जीवन के रास्ते में आड़े आने वाली सभी बाधाओं को पीछे धकेलते हुए उन पर विजय पाओ।’’
उस व्यक्ति ने मुड़कर उस मनमौजी व्यक्ति को देखा और सिसकियां भरकर रोने लगा। उसने उस मनमौजी व्यक्ति को अपने आत्महत्या करने के कारणों की सारी कथा एक ही सांस में कह सुनाई कि कैसे पिछले तीन दिनों से उसका परिवार भूख से छटपटा रहा है। उसकी दर्द भरी व्यथा सुनकर उस मनमौजी व्यक्ति की आंखों में भी आंसू भर आए और उसने प्रण किया कि आज से ही वह अपनी कमाई का अधिक से अधिक अंश दान में दिया करेगा।
यह संकल्प करने के बाद उसने गुप्तदान की पेटी सड़क के बीचों-बीच लगवाकर उस पर लिख दिया कि जिस व्यक्ति को सचमुच पैसों की आवश्यकता हो, वह इसमें से पैसे निकलवाकर नि:संकोच भाव से अपना काम चला सकता है, और जो कोई जरूरतमंद ऐसा करेगा उससे मुझे अत्यंत प्रसन्नता होगी। यह फक्कड़ मिजाजी व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि जापान के विश्वविख्यात कवि इगुचि थे।
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