Edited By Prachi Sharma,Updated: 26 Mar, 2026 07:59 AM

पुरी (प.स.): पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार (खजाने) की गिनती और लिस्ट बनाने की प्रक्रिया 48 साल बाद बुधवार से शुरू हो गई। ‘रत्न भंडार’ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के कीमती आभूषणों का खजाना है। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन...
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पुरी (प.स.): पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार (खजाने) की गिनती और लिस्ट बनाने की प्रक्रिया 48 साल बाद बुधवार से शुरू हो गई। ‘रत्न भंडार’ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के कीमती आभूषणों का खजाना है। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एस.जे.टी.ए.) के अनुसार, अधिकृत कर्मियों ने पारंपरिक धोती और गमछा पहनकर सुबह करीब 11:30 बजे मंदिर में प्रवेश किया।
इससे पहले 13 मई से 23 जुलाई, 1978 के बीच हुई गणना में 128.38 किलो के 454 स्वर्ण मिश्रित आभूषण, 221.53 किलो वजन के 293 चांदी मिश्रित आभूषण तथा कई बहुमूल्य रत्नों का विवरण दर्ज किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि 1978 की प्रक्रिया 72 दिन चली थी लेकिन इस बार आधुनिक तकनीक के उपयोग से इसे कम समय में पूरा किया जाएगा। आभूषणों की पहचान के लिए दो रत्न विशेषज्ञ (जैमोलॉजिस्ट) सहयोग कर रहे हैं और प्रत्येक आभूषण की डिजिटल फोटोग्राफी की जा रही है।