'पाकिस्तान पहले कर सकता है परमाणु हमला', इस प्रोफेसर का दावा, पहले की भविष्यवाणियां हुईं सच

Edited By Updated: 13 Aug, 2026 11:11 PM

pakistan may launch nuclear attack first  claims this professor

दुनिया में परमाणु युद्ध के बढ़ते खतरों के बीच एक बेहद चौंकाने वाला दावा सामने आया है। प्रसिद्ध भू-राजनीतिक भविष्यवाणियां करने वाले चीनी मूल के कनाडाई टिप्पणीकार जियांग श्यूक्विन (Jiang Xueqin) ने आशंका जताई है कि यदि भविष्य में कभी परमाणु हथियारों...

इंटरनेशनल डेस्कः दुनिया में परमाणु युद्ध के बढ़ते खतरों के बीच एक बेहद चौंकाने वाला दावा सामने आया है। प्रसिद्ध भू-राजनीतिक भविष्यवाणियां करने वाले चीनी मूल के कनाडाई टिप्पणीकार जियांग श्यूक्विन (Jiang Xueqin) ने आशंका जताई है कि यदि भविष्य में कभी परमाणु हथियारों का उपयोग होता है, तो पाकिस्तान वह पहला देश होगा जो इसका इस्तेमाल कर सकता है।

यूट्यूबर राज शमानी के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान जियांग श्यूक्विन ने यह परेशान करने वाला दावा किया। हालांकि, जियांग ने स्पष्ट किया कि वह किसी तात्कालिक परमाणु युद्ध की भविष्यवाणी नहीं कर रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि परमाणु हथियारों के खिलाफ एक वैश्विक वर्जना (universal taboo) है जिसके कारण हमारे जीवनकाल में इनके उपयोग की संभावना शून्य प्रतिशत (0%) है। लेकिन, उनका यह भी कहना है कि यदि यह दुर्लभ आशंका कभी सच साबित होती है, तो इसका रास्ता भारत-पाकिस्तान सीमा से होकर ही गुजरेगा।

आखिर पाकिस्तान ही क्यों?
जियांग श्यूक्विन के अनुसार, इसका कारण पाकिस्तान की परमाणु युद्ध लड़ने की इच्छा से अधिक उसकी अपनी कमजोरियां हैं। जियांग ने कहा, "पाकिस्तान परमाणु हथियारों से लैस एक बेहद कमजोर, अव्यवस्थित और भ्रष्ट राष्ट्र है। आपातकाल की स्थिति में पाकिस्तान के पास खुद पर नियंत्रण रखने के लिए शायद उचित कंट्रोल सिस्टम भी मौजूद नहीं हैं"। उन्होंने तर्क दिया कि यदि कभी परमाणु हथियारों का उपयोग हुआ, तो उसका सबसे संभावित परिदृश्य भारत और पाकिस्तान के बीच का युद्ध ही होगा।

भारत और पाकिस्तान की नीतियों में बड़ा अंतर
इस विश्लेषण के पीछे दोनों देशों की परमाणु नीतियों में मौजूद भारी असमानता है। भारत लंबे समय से घोषित तौर पर 'नो फर्स्ट यूज़' (No First Use - पहले परमाणु हमला न करने) की नीति पर कायम रहा है, जबकि पाकिस्तान ने ऐसी किसी नीति को नहीं अपनाया है और रणनीतिक अस्पष्टता बनाए रखी है।

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के 2025 के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार भारत के पास कुल 190 परमाणु हथियार हैं, जिनमें से 12 को 2025 में पहली बार तैनात किया गया है। वहीं पाकिस्तान के पास लगभग 170 परमाणु हथियार हैं, लेकिन उसने अभी तक कोई भी परमाणु हथियार तैनात नहीं किया है।

चूंकि भारत के पास पारंपरिक सैन्य और आर्थिक ताकत अधिक है, इसलिए पाकिस्तान परमाणु हथियारों को अपने अस्तित्व को बचाने का अंतिम रास्ता मानता है। जियांग के शब्दों में, "भारत को इस्लामाबाद के खिलाफ परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है, जबकि पाकिस्तान को भारत के सामने टिके रहने के लिए ऐसा करना पड़ सकता है"।

पाकिस्तानी नेतृत्व की लगातार धमकियां
पाकिस्तान के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व द्वारा लगातार परमाणु हमले की धमकियां दी जाती रही हैं:

  • सेना प्रमुख आसिम मुनीर की धमकी (अगस्त 2025): हाल ही में फ्लोरिडा (अमेरिका) में एक रात्रिभोज के दौरान पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने कहा था, "हम एक परमाणु राष्ट्र हैं। अगर हमें लगा कि हम डूब रहे हैं, तो हम अपने साथ आधी दुनिया को भी ले डूबेंगे।" उन्होंने मिसाइलों से भारतीय बांधों को नष्ट करने की धमकी भी दी थी, जिसे भारत ने "परमाणु युद्ध की खोखली बयानबाजी" (nuclear sabre-rattling) करार दिया था।
  • ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025): पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव के दौरान पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की बात कही थी, जिसे बाद में उन्होंने एक बेहद दूर की संभावना बताया था।
  • पुरानी धमकियां: इससे पहले 2002 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ और 2019 में पुलवामा हमले व बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी परमाणु युद्ध छिड़ने की चेतावनी दी थी।

हालांकि, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ जैसे शीर्ष नेताओं ने बार-बार यह दोहराया है कि उनका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण और केवल आत्मरक्षा (credible minimum deterrent) के लिए है, लेकिन सैन्य जनरलों की बयानबाजी जियांग श्यूक्विन जैसी भविष्यवाणियों को बल देती है।

पहले भी सटीक साबित हो चुकी हैं प्रोफेसर की भविष्यवाणियां
प्रोफेसर जियांग ज्यूकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में हैं। उनके दावों को इसलिए भी गंभीरता से लिया जा रहा है क्योंकि इससे पहले भी उनकी कई भविष्यवाणियां बिल्कुल सटीक साबित हुई हैं। उन्होंने साल 2024 में डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिकी सत्ता में दोबारा वापसी की भविष्यवाणी की थी। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच भड़के युद्ध को लेकर भी उनकी भविष्यवाणी सच साबित हुई थी। ऐसे में पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को लेकर उनके द्वारा दी गई यह चेतावनी वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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