Edited By Niyati Bhandari,Updated: 05 May, 2026 02:58 PM

भारत ने लिपुलेख दर्रे से कैलाश मानसरोवर यात्रा के बारे में नेपाल के दावों को अनुचित बताते हुए कहा है कि वह सभी मुद्दों के समाधान के लिए रचनात्मक बातचीत को तैयार है।
नई दिल्ली (वार्ता): भारत ने लिपुलेख दर्रे से कैलाश मानसरोवर यात्रा के बारे में नेपाल के दावों को अनुचित बताते हुए कहा है कि वह सभी मुद्दों के समाधान के लिए रचनात्मक बातचीत को तैयार है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस संबंध में मीडिया के सवालों के जवाब में रविवार देर रात कहा कि लिपुलेख दर्रे से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भारत की स्थिति निरंतर और स्पष्ट रही है। कोई नया घटनाक्रम नहीं है। यह 1954 से यात्रा का स्थापित मार्ग रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि जहां तक क्षेत्रीय दावों का संबंध है, भारत लगातार यह कहता रहा है कि ऐसे दावे न तो उचित हैं और न ही ऐतिहासिक तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित हैं। क्षेत्रीय दावों का इस प्रकार का एकतरफा कृत्रिम विस्तार अस्वीकार्य है।
वहीं नेपाल ने लिपुलेख पर अपने क्षेत्रीय दावे को सोमवार को दोहराया और इस मुद्दे को सुलझाने के लिए भारत के साथ बातचीत की वकालत की।