Edited By Sarita Thapa,Updated: 22 Mar, 2026 11:38 AM

हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को 'कामदा एकादशी' कहा जाता है। जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है कामदा यानी कामनाओं को पूर्ण करने वाली।
Kamada Ekadashi Upay : हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को 'कामदा एकादशी' कहा जाता है। जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है कामदा यानी कामनाओं को पूर्ण करने वाली। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह साल की पहली एकादशी होती है जो जातक की सभी सात्विक इच्छाओं को पूरा करने का सामर्थ्य रखती है। यदि आप लंबे समय से आर्थिक तंगी, कर्ज के बोझ या करियर में रुकावटों से परेशान हैं, तो कामदा एकादशी का दिन आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु के वासुदेव रूप की पूजा करने से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि दरिद्रता भी घर का रास्ता भूल जाती है। तो आइए जानते हैं कामदा एकादशी के वे विशेष उपाय, जो आपकी पैसे की तंगी को छूमंतर कर सकते हैं।
आर्थिक तंगी दूर करने के लिए पीले फलों का भोग
भगवान विष्णु को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। कामदा एकादशी के दिन पूजा के समय भगवान को पीले फल (जैसे केला या आम), पीला चंदन और पीले फूल अर्पित करें। पूजा के बाद इन फलों को किसी गरीब या जरूरतमंद को दान कर दें। यह उपाय आपकी आय के नए स्रोत खोलने में मदद करता है।
गजेंद्र मोक्ष का पाठ: कर्ज से मुक्ति का महामंत्र
यदि आप भारी कर्ज में डूबे हैं और लाख कोशिशों के बाद भी उधार चुकता नहीं हो रहा, तो इस दिन घर में 'गजेंद्र मोक्ष' का पाठ जरूर करें या सुनें। भगवान विष्णु ने इसी स्तुति से प्रसन्न होकर हाथी को मगरमच्छ के चंगुल से छुड़ाया था। यह पाठ आपके जीवन से 'आर्थिक संकट' के चंगुल को ढीला कर देता है।

तुलसी के सामने घी का दीपक और परिक्रमा
तुलसी के बिना श्रीहरि की पूजा अधूरी मानी जाती है। एकादशी की शाम को तुलसी के पौधे के पास गाय के घी का दीपक जलाएं और 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करते हुए 11 या 21 बार परिक्रमा करें। ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी में जल न चढ़ाएं और न ही पत्ते तोड़ें, बस दीप दान करें। इससे माँ लक्ष्मी का स्थायी निवास होता है।
केसर मिश्रित दूध से अभिषेक
यदि व्यापार में घाटा हो रहा है, तो कामदा एकादशी पर दक्षिणावर्ती शंख में केसर मिश्रित दूध भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें। इस उपाय से सोई हुई किस्मत जाग उठती है और धन आगमन की बाधाएं दूर होती हैं।
पीपल के वृक्ष की सेवा
पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। एकादशी के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे मीठा जल (शक्कर मिला हुआ) अर्पित करें और शाम को तेल का दीपक जलाएं। यह उपाय पितृ दोष को शांत करता है और घर में बरकत लाता है।

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