Kashi Mahashivratri 2026 : इतिहास में दर्ज हुई काशी की 2026 शिवरात्रि, दूल्हे बाबा को लगा दुनिया के 62 मंदिरों का महाप्रसाद

Edited By Updated: 16 Feb, 2026 10:03 AM

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मोक्ष की नगरी काशी में इस वर्ष की महाशिवरात्रि इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है। 15 फरवरी 2026 की रात जब पूरी दुनिया महादेव की भक्ति में लीन थी, तब काशी विश्वनाथ धाम में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

Kashi Vishwanath mandir news : मोक्ष की नगरी काशी में इस वर्ष की महाशिवरात्रि इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है। 15 फरवरी 2026 की रात जब पूरी दुनिया महादेव की भक्ति में लीन थी, तब काशी विश्वनाथ धाम में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। परंपराओं के अनुसार, बाबा विश्वनाथ का भव्य दूल्हा श्रृंगार किया गया और उन्हें एक विशेष भोग अर्पित किया गया, जिसमें भारत ही नहीं बल्कि सात समंदर पार की आस्था भी शामिल थी।

दूल्हा स्वरूप में विराजे बाबा महाकाल 
महाशिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन का उत्सव है। इस पावन अवसर पर बाबा विश्वनाथ को एक दिव्य दूल्हे के रूप में सजाया गया। बाबा के शीश पर फलों, मेवों और फूलों से निर्मित पारंपरिक सेहरा सजाया गया, जिसमें विशेष रूप से रुद्राक्ष जड़े हुए थे। यह सेहरा वैराग्य और गृहस्थ जीवन के अद्भुत संतुलन का प्रतीक माना जाता है। टेढ़ी नीम स्थित महंत आवास से बाबा की हल्दी और मेहंदी की रस्में पूरी होने के बाद, महादेव अपनी बारात के साथ दूल्हा बनकर भक्तों के बीच प्रकट हुए।

दुनिया के 8 और देश के 54 मंदिरों से आया प्रसाद
इस बार की महाशिवरात्रि 'धार्मिक नवाचार' और 'सांस्कृतिक एकता' की मिसाल बनी। बाबा विश्वनाथ को भोग लगाने के लिए देश-दुनिया के प्रसिद्ध मंदिरों से भेंट प्राप्त हुई। मलेशिया समेत दुनिया के 8 प्रमुख देशों के मंदिरों से महादेव के निमित्त विशेष पूजन सामग्री और प्रसाद भेजा गया। भारत के कोने-कोने से, यानी 54 प्रसिद्ध मंदिरों से आए प्रसाद को बाबा को अर्पित किया गया। कुल 62 मंदिरों के इस पावन भोग ने काशी को पूरे विश्व के आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया।

श्रद्धा का सैलाब और फूलों की वर्षा
मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस बार दर्शनार्थियों की संख्या ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर बनने के बाद से यह अब तक की सबसे बड़ी भीड़ बताई जा रही है। बाबा के दरबार में आने वाले हर शिवभक्त का स्वागत हेलीकॉप्टर और मंदिर परिसर से फूलों की वर्षा करके किया गया। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी और ड्रोन्स से निगरानी रखी, साथ ही श्रद्धालुओं के लिए नींबू पानी, ओआरएस और फल की विशेष व्यवस्था की गई थी।

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