Edited By Sarita Thapa,Updated: 13 Feb, 2026 09:53 AM

राजस्थान की राजधानी जयपुर, जिसे छोटी काशी भी कहा जाता है, इस महाशिवरात्रि पर भक्ति के एक नए रंग में रंगने वाली है। शहर के प्रमुख शिवालयों में इस साल पहली बार उज्जैन की विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती की तर्ज पर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं।
Mahashivratri 2026 Jaipur : राजस्थान की राजधानी जयपुर, जिसे छोटी काशी भी कहा जाता है, इस महाशिवरात्रि पर भक्ति के एक नए रंग में रंगने वाली है। शहर के प्रमुख शिवालयों में इस साल पहली बार उज्जैन की विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती की तर्ज पर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। विशेष रूप से मुरलीपुरा के रामेश्वरधाम और विजयनगर क्षेत्र में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में भगवान शिव का भस्म से दिव्य श्रृंगार किया जाएगा।
उज्जैन की तर्ज पर जयपुर में भस्म आरती
भस्म आरती का दिव्य अनुभव: उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की परंपरा को जयपुर के भक्त अपने शहर में ही महसूस कर सकेंगे। इसके लिए विशेष रूप से पवित्र भस्म और पूजन सामग्री तैयार की गई है।
चार प्रहर की महापूजा: महाशिवरात्रि की पूरी रात को चार हिस्सों में बांटकर महादेव का अभिषेक किया जाएगा। मान्यता है कि चार प्रहर की पूजा करने से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
शिव-पार्वती विवाह और तांडव: भस्म आरती के अलावा, कई स्थानों पर शिव-पार्वती विवाह के प्रसंग और कलाकारों द्वारा शिव तांडव नृत्य की प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।
महाशिवरात्रि 2026: पूजन का शुभ समय (जयपुर)
पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी 2026 रविवार को मनाया जाएगा। यदि आप चार प्रहर की पूजा में शामिल होना चाहते हैं तो आइए जानते हैं चार प्रहर की पूजा का पूरा शेड्युल के बारे में-
| प्रहर |
समय |
| प्रथम प्रहर |
शाम 06:15 से रात 09:29 बजे तक |
| द्वितीय प्रहर |
रात 09:29 से देर रात 12:41 बजे तक |
| तृतीय प्रहर |
रात 12:42 से तड़के 03:54 बजे तक |
| चतुर्थ प्रहर |
सुबह 03:55 से सुबह 07:07 बजे तक |
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