Mahabalipuram: तमिलनाडु का ऐतिहासिक और पौराणिक बंदरगाह, दानव के नाम से जाना जाता है

Edited By Updated: 24 Oct, 2025 03:57 PM

mahabalipuram

Mahabalipuram: भारत के प्रमुख बंदरगाहों में महाबलीपुरम का विशेष स्थान है। यह तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से लगभग 60 किलोमीटर दक्षिण में बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित है। महाबलीपुरम को सात पैगोडाओं का शहर भी कहा जाता है, जिसमें से आज केवल एक पैगोड़ा...

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Mahabalipuram: भारत के प्रमुख बंदरगाहों में महाबलीपुरम का विशेष स्थान है। यह तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से लगभग 60 किलोमीटर दक्षिण में बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित है। महाबलीपुरम को सात पैगोडाओं का शहर भी कहा जाता है, जिसमें से आज केवल एक पैगोड़ा बचा है। नामकरण के पीछे पौराणिक कथा जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि भगवान विष्णु ने अपने वामनावतार में जिस महाबली दानव पर विजय प्राप्त की, उसी के नाम पर यह स्थल प्रसिद्ध हुआ। वहीं, सातवीं शताब्दी के पल्लव राजा नरसिंह वर्मन-महामल्ल के नाम पर इसे महामल्लपुरम कहा गया, जो समय के साथ महाबलीपुरम बन गया।

PunjabKesari mahabalipuram

Historical Significance महाबलीपुरम का ऐतिहासिक महत्व
महाबलीपुरम प्राचीन समय में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार केंद्र रहा। ईसा पूर्व से यहां ग्रीक नाविक आते थे। पास के स्थलों से प्राप्त रोमन सिक्के इसके व्यापारिक महत्व का प्रमाण हैं। महाबलीपुरम की शिल्प और मूर्तिकला कला भारतीय इतिहास और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां के रथ, गुफा मंदिर और शिलाखण्ड इसकी विशिष्ट पहचान हैं।

PunjabKesari mahabalipuram

Major Monuments and Sculptures प्रमुख स्थलों और शिल्पकला
पंच रथ: महाबलीपुरम में एक ही चट्टान पर बने पांच रथ युधिष्ठिर, अर्जुन, भीम, नकुल और सहदेव के नाम से जाने जाते हैं। इनमें सबसे छोटा रथ द्रौपदी का है। प्रत्येक रथ की शिल्पकला अत्यंत उत्कृष्ट है।

गुफा मंदिर: यहां 9 गुफा मंदिर हैं, जिनमें शिल्पकला की सूक्ष्मता और प्राचीन स्थापत्य कौशल दिखता है।

विशेष मूर्तियां और चित्र: अर्जुन की तपस्या का शिल्प, गंगावतरण का दृश्य, ब्रजवासियों की रक्षा करते हुए श्री कृष्ण, महिषासुर मर्दिनी और अन्य देवताओं की प्रतिमाएं और शिलाखण्ड पर बने गणेश मंदिर।

Shore Temple शोर टेम्पल: समुद्र तट पर स्थित यह मंदिर पिरामिड शैली में बना है। इसमें शिव, विष्णु और दुर्गा की मूर्तियां हैं। यह पल्लवकालीन स्थापत्य कला का अंतिम उदाहरण माना जाता है।

PunjabKesari mahabalipuram

Tourism and Accessibility पर्यटन और पहुंच
निकटतम रेलवे स्टेशन: चेन्नई के पास चेंगलपट्टू, महाबलीपुरम से 30 कि.मी. दूर।
निकटतम हवाई अड्डा: चेन्नई का मीनमक्कम हवाई अड्डा, महाबलीपुरम से 49 कि.मी. दूर।
महाबलीपुरम में पर्यटक समुद्र तट पर होटल, धर्मशाला या निजी आवास में ठहर सकते हैं।
गाइड सेवाएं पुरातात्विक विभाग द्वारा मुफ्त उपलब्ध हैं।

PunjabKesari mahabalipuram
Handicrafts and Art हस्तशिल्प और शिल्पकला
महाबलीपुरम हस्तशिल्प के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहां पर्यटक पत्थर की खुदाई, मूर्तियां, काष्ठ और हस्तशिल्प के सामान खरीद सकते हैं। गवर्नमेंट और प्राइवेट दुकानों में ये उपलब्ध हैं।

PunjabKesari mahabalipuram

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!