Edited By Sarita Thapa,Updated: 26 Oct, 2026 11:39 AM

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शरद पूर्णिमा का पर्व परंपरागत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से नैवेद्य कक्ष में स्थापित भगवान को मेवा युक्त मीठे दूध की खीर का भोग अर्पित किया गया।
उज्जैन (विशाल ठाकुर) : विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शरद पूर्णिमा का पर्व परंपरागत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से नैवेद्य कक्ष में स्थापित भगवान को मेवा युक्त मीठे दूध की खीर का भोग अर्पित किया गया। संध्या आरती के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। वहीं, श्री महाकालेश्वर भगवान की आरतियों के समय में भी परिवर्तन किया जा रहा है। मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026, मंगलवार यानी कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा तक तीन आरतियां परिवर्तित समय पर होंगी।
नई व्यवस्था के तहत प्रातः दद्योदक आरती सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 8 बजकर 15 मिनट तक, भोग आरती सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 11 बजकर 15 मिनट तक और संध्या आरती शाम 6 बजकर 30 मिनट से 7 बजकर 15 मिनट तक होगी। हालांकि, भस्म आरती सुबह 4 से 6 बजे तक, सायंकालीन पूजन शाम 5 से 5 बजकर 45 मिनट तक और शयन आरती रात 10 बजकर 30 मिनट से 11 बजे तक पूर्व निर्धारित समय पर ही संपन्न होगी। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से नई समय-सारणी के अनुसार दर्शन की योजना बनाने की अपील की गई है।
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