Edited By Niyati Bhandari,Updated: 03 Jun, 2026 02:28 PM

Main Entrance Vastu: वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का मुख्य दरवाजा केवल आने-जाने का रास्ता नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार है। जानें वे कौन सी 7 चीजें हैं, जो आपके मेन गेट के सामने होने पर दरिद्रता और तनाव का कारण बनती हैं।
Vastu Shastra for Main Door: वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को सुख, शांति और समृद्धि का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र माना गया है। मान्यता है कि इसी द्वार से देवी लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा का घर में प्रवेश होता है। लेकिन कई बार अनजाने में हम अपने मुख्य द्वार के सामने ऐसी चीजें रख देते हैं या बना देते हैं, जो हमारे जीवन में दरिद्रता, मानसिक तनाव और बीमारियों का कारण बन जाती हैं। जो नकारात्मक ऊर्जा में बढ़ौतरी करती हैं, जिससे पारिवारिक सदस्यों को रोगों और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है।

घर के सामने वृक्ष या खंभा होने पर बच्चों को कोई न कोई दुःख रहता है। वे शांति से जीवन यापन नहीं कर पाते।
मुख्य द्वार के सामने गड्ढा अथवा कुंआ होने पर पारिवारिक सदस्यों को मानसिक रोग और तनाव का सामना करना पड़ता है।
मेन गेट के सामने कीचड़ या गंदगी न हो क्योंकि ऐसा होने पर परिवार में उदासी का माहौल रहता है।
जिन घरों के सामने गंदा पानी इकट्ठा रहता हो उस घर के पारिवारिक सदस्यों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है।
मुख्य द्वार के सामने घर का मंदिर नहीं बनाना चाहिए। मेन गेट के सामने मंदिर बनाने से घर में देवी-देवता निवास नहीं करते और कष्टों को झेलना पड़ता है।

मेन गेट का वास्तु दोष दूर करने के सरल उपाय:
मुख्य द्वार का दरवाजा अंदर की ओर खुले तो शुभ होता है। जिन घरों का मुख्य द्वार बाहर की ओर खुले उन्हें दरवाजे पर वंदनवार लगाना चाहिए।
घर के मुख्य द्वार पर प्रतिदिन स्वास्तिक और ओम जैसे शुभ चिह्न बनाएं। ऐसा करने से नेगेटिव एनर्जी घर में प्रवेश नहीं करती।
घर के आंगन में सूखे या कांटेदार पौधे न रखें। इस प्रकार के पौधे घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं।
घर के मुख्य द्वार के सामने कचरे का डिब्बा रखने से पारिवारिक सदस्यों में लड़ाई-झगड़े होते हैं।
प्रवेश द्वार के पास तुलसी का पौधा या मनी प्लांट रखें, जो सकारात्मकता बढ़ाते हैं।
वास्तु दोष कम करने के लिए मुख्य द्वार पर वास्तु दर्पण का भी उपयोग किया जा सकता है।
