Edited By Sarita Thapa,Updated: 20 Feb, 2026 08:20 AM

मनाली की बर्फीली वादियों में, समुद्र तल से 11,000 फीट की ऊंचाई पर एक ऐसा चमत्कार हो रहा है, जिसने वैज्ञानिकों से लेकर भक्तों तक सबको हैरान कर दिया है। मिनी अमरनाथ के नाम से मशहूर अंजनी महादेव में इन दिनों कड़ाके की ठंड और खतरनाक फिसलन के बावजूद...
Mini Amarnath Yatra : मनाली की बर्फीली वादियों में, समुद्र तल से 11,000 फीट की ऊंचाई पर एक ऐसा चमत्कार हो रहा है, जिसने वैज्ञानिकों से लेकर भक्तों तक सबको हैरान कर दिया है। मिनी अमरनाथ के नाम से मशहूर अंजनी महादेव में इन दिनों कड़ाके की ठंड और खतरनाक फिसलन के बावजूद श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा है। जैसे कश्मीर की मुख्य अमरनाथ गुफा में हिम शिवलिंग बनता है, ठीक वैसे ही यहां भी एक विशाल और भव्य बर्फ का शिवलिंग प्राकृतिक रूप से आकार लेता है। इस साल इसकी ऊंचाई लगभग 20 से 30 फीट तक पहुंच गई है, जिसे भक्त साक्षात महादेव का चमत्कार मान रहे हैं।
जलप्रपात का अखंड अभिषेक
यहां की सबसे अनोखी बात यह है कि शिवलिंग के ठीक ऊपर एक प्राकृतिक झरना गिरता है। यह झरना 24 घंटे शिवलिंग पर गिरकर उनका अभिषेक करता रहता है। कड़ाके की ठंड में जब सब कुछ जम जाता है, तब भी यह प्रक्रिया जारी रहना किसी रहस्य से कम नहीं लगता। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह वही पवित्र स्थान है जहां हनुमान जी की माता अंजनी ने पुत्र प्राप्ति के लिए शिव जी की कठोर तपस्या की थी। शिव जी ने प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन दिए थे, इसीलिए इस स्थान का आध्यात्मिक महत्व बहुत गहरा है।
चुनौतियां जो आस्था को नहीं गिरा पाई
कठिन रास्ता: 11,000 फीट की ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी और बर्फ की वजह से रास्ता बेहद फिसलन भरा हो जाता है।
भीषण ठंड: माइनस डिग्री तापमान और बर्फीली हवाओं के बीच भी भक्तों का उत्साह कम नहीं हो रहा है।
भीड़ का कारण: हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर शिवलिंग की वीडियो वायरल होने के बाद, न केवल हिमाचल बल्कि देशभर से सैलानी और श्रद्धालु इस 'मिनी अमरनाथ' के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं।
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