Edited By Sarita Thapa,Updated: 20 Feb, 2026 12:28 PM

वृंदावन के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में इन दिनों परंपरा और नई व्यवस्था को लेकर जबरदस्त टकराव देखने को मिल रहा है। जगमोहन विवाद ने इतना तूल पकड़ लिया कि मंदिर के गर्भगृह पर ताला तक लटकाने की नौबत आ गई, जिससे देश-दुनिया से आए श्रद्धालु और स्थानीय...
Banke Bihari Mandir news : वृंदावन के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में इन दिनों परंपरा और नई व्यवस्था को लेकर जबरदस्त टकराव देखने को मिल रहा है। जगमोहन विवाद ने इतना तूल पकड़ लिया कि मंदिर के गर्भगृह पर ताला तक लटकाने की नौबत आ गई, जिससे देश-दुनिया से आए श्रद्धालु और स्थानीय गोस्वामी समाज बेहद आक्रोशित हैं। विवाद की मुख्य जड़ हाई पावर कमेटी का एक नया आदेश है। कमेटी ने निर्णय लिया कि भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए ठाकुर बांके बिहारी जी को गर्भगृह से बाहर निकालकर जगमोहन पर विराजमान किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा भक्त आसानी से दर्शन कर सकें।
विवाद की 3 बड़ी वजहें
परंपरा का उल्लंघन: गोस्वामी समाज का तर्क है कि बांके बिहारी जी केवल साल में कुछ ही विशेष त्योहारों पर ही जगमोहन में विराजमान होते हैं। रोजाना उन्हें बाहर लाना 500 साल पुरानी स्थापित परंपरा के खिलाफ है।
गर्भगृह पर ताला: विवाद तब और बढ़ गया जब कमेटी के आदेश के विरोध में और सुरक्षा का हवाला देते हुए गर्भगृह के द्वार पर ताला जड़ दिया गया। भगवान के पट बंद देख श्रद्धालु भड़क गए और मंदिर परिसर में ही नारेबाजी शुरू कर दी।
आस्था बनाम प्रशासन: सेवायतों का कहना है कि मंदिर प्रशासन 'व्यवस्था' के नाम पर 'आस्था' और 'धार्मिक नियमों' के साथ खिलवाड़ कर रहा है। कुछ श्रद्धालुओं ने तो खुद को जंजीरों से जकड़कर अपना विरोध दर्ज कराया।
मौजूदा स्थिति
भारी विरोध और हंगामे को देखते हुए प्रशासन और हाई पावर कमेटी को फिलहाल कदम पीछे खींचने पड़े हैं। शाम की आरती और भोग सेवा के लिए ताला खोल दिया गया और ठाकुर जी के दर्शन फिर से गर्भगृह से ही कराए गए। हालांकि, कमेटी और गोस्वामी समाज के बीच तनाव अब भी बरकरार है।
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