Edited By Sarita Thapa,Updated: 07 Feb, 2026 08:12 AM

धर्म की नगरी काशी में महाशिवरात्रि का पर्व इस बार अत्यंत भव्य और दिव्य होने वाला है। अनुमान लगाया जा रहा है कि 15 फरवरी को बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए 10 लाख से भी अधिक श्रद्धालु वाराणसी पहुंचेंगे।
Kashi Vishwanath Maha Shivratri : धर्म की नगरी काशी में महाशिवरात्रि का पर्व इस बार अत्यंत भव्य और दिव्य होने वाला है। अनुमान लगाया जा रहा है कि 15 फरवरी को बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए 10 लाख से भी अधिक श्रद्धालु वाराणसी पहुंचेंगे। इस भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए विशेष खाका तैयार किया है।
44 घंटे का अखंड दर्शन
भक्तों की सुविधा के लिए बाबा विश्वनाथ का दरबार 15 फरवरी की भोर में मंगला आरती के बाद से लेकर 16 फरवरी की रात तक लगातार खुला रहेगा। लगभग 44 घंटों तक श्रद्धालु बिना रुके अपने आराध्य के दर्शन कर सकेंगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस दौरान झांकी दर्शन की व्यवस्था की गई है, ताकि कतारें लगातार चलती रहें।
वीआईपी प्रोटोकॉल और विशेष टिकटों पर रोक
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। महाशिवरात्रि के दिन सभी प्रकार के वीआईपी प्रोटोकॉल, सुगम दर्शन टिकट और विशेष पूजा के प्रावधानों को स्थगित कर दिया गया है। मंदिर प्रशासन का मुख्य लक्ष्य यह है कि दूर-दराज से आए आम भक्त को कम से कम समय में और सुरक्षित तरीके से बाबा का सानिध्य प्राप्त हो सके।
मथुरा से आएगा विशेष नेग और श्रृंगार
इस वर्ष की महाशिवरात्रि एक और खास वजह से चर्चा में है। हरि और हर के मिलन के प्रतीक के रूप में, बाबा विश्वनाथ के विवाह के लिए विशेष वस्त्र और श्रृंगार सामग्री मथुरा से भेजी जा रही है। यह परंपरा दोनों पावन धामों के बीच एक नए आध्यात्मिक सेतु का निर्माण कर रही है।
प्रशासन की ओर से जरूरी गाइडलाइंस
श्रद्धालुओं को 8 से 10 घंटे तक कतार में खड़ा होना पड़ सकता है, इसलिए प्रशासन ने खाली पेट न आने और खुद को हाइड्रेटेड रखने की सलाह दी है।
मंदिर परिसर में मोबाइल, बैग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और चमड़े की बेल्ट ले जाना पूरी तरह वर्जित रहेगा।
पूरे शहर में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। शिव बारात के रास्तों पर विशेष पुलिस बल तैनात रहेगा।
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