Edited By Niyati Bhandari,Updated: 24 Jun, 2026 10:16 AM

Market Astrology: आलोच्य सप्ताह (24 जून से 30 जून तक) के प्रारंभिक हिस्से में कोई भी सितारा अपनी राशि या पोजीशन चेंज नहीं करता, इसलिए ग्रह योग ज्यूं का त्यूं ही अपने-अपने स्थान पर स्थिर रहता है, मगर आखिरी हिस्से में कर्क राशि पर चल रहा बुध वक्री...
Market Astrology: आलोच्य सप्ताह (24 जून से 30 जून तक) के प्रारंभिक हिस्से में कोई भी सितारा अपनी राशि या पोजीशन चेंज नहीं करता, इसलिए ग्रह योग ज्यूं का त्यूं ही अपने-अपने स्थान पर स्थिर रहता है, मगर आखिरी हिस्से में कर्क राशि पर चल रहा बुध वक्री होकर चलती मार्कीट में अच्छी उठा-पटक ला सकता है इसलिए मार्कीट को देख-परख कर काम करने वाले नुकसान के रिस्क से बचे रहेंगे।
यूं तो इस सप्ताह में मंदी के रुख का प्रभाव बना रहने की आशा है तो भी नोट करें कि इस मंदा रुख की निर्भरता 22 जून बाद दोपहर साढ़े तीन-पौने चार बजे के बाद मंदा का झटका आने पर ही होगी, इसलिए उपरोक्त रुख को देखकर काम करना सही रहेगा। बीच में 30 जून को झटका के साथ मार्कीट एक तरफ चल सकती है।
तेल सोया, तेल मूंगफली, सरसों, अलसी, तोरिया, तिल-तेल, बिनौला, अरंडी, खल, सींगदाना, मेंथा, पिपरामैंट, अन्य तेल पदार्थों, वनस्पति इत्यादि में शुरू सप्ताह से मंदा रुख चल पड़ने की आशा है। फिर 30 जून को रेटों में उछाल संभावित है। कॉटन, पटसन, रूई, कपास, सन्न, सूत, सिल्क, स्टैपल, ऊनी, सूती, रेशमी कपड़े तथा यार्न इत्यादि में वही रुख 29 जून तक चल सकता है, अलबत्ता 30 जून एकतरफा झटका आने की आशा है। शेयर मार्कीट में शुरू सप्ताह से यदि मंदा रुख बन गया तो मार्कीट धीरे-धीरे मंदे रुख पर चलती जाएगी, फिर सप्ताह के आखिरी दिन 30 जून को रेट झटका के साथ जम्प कर सकते हैं।
सोना, चांदी, हीरे, जवाहरात, बहुमूल्य पत्थरों, बहुमूल्य धातुओं में 22 जून बाद दोपहर पौने चार बजे के बाद मार्कीट में जो रुख बन गया होगा, ख्याल है कि वही रुख 26 तारीख तक जारी रह सकता है, 27-28 मार्कीट की छुट्टी, 29 जून फिर नर्मी का असर, 30 जून एकतरफा झटका आ सकता है। वैसे तेजी के झटका की आशा अधिक है। गुड़, चीनी, शक्कर तथा अन्य मीठी रसदार वस्तुओं एवं मिश्री इत्यादि में मंदा रुख बना रहेगा। वैसे 30 जून के रुख पर नजर रखनी ठीक रहेगी।
गेहूं, गवारा, मटर, मक्की, चने, जौ, बाजरा, अरहर, मूंग, मास तथा अन्य अनाज पदार्थों एवं दालों इत्यादि में गिरावट वाला रुख प्रभावी रहेगा, अलबत्ता 30 जून को रेटों में उछाल आ सकता है। हाजिर मार्कीट में लवाल गायब सा रहेगा तथा बिकवाल की मार्कीट में दनदनाहट तथा बढ़ी हुई एक्टिविटी साफ नजर आएगी, फिर 30 जून को लवाल की कामकाजी सरगर्मी साफ दिखेगी तथा बढ़ेगी।