Edited By Prachi Sharma,Updated: 19 Mar, 2026 09:05 AM

Mata Vaishno Devi : मां वैष्णो देवी का दरबार न केवल आस्था और शक्ति का केंद्र है, बल्कि अपनी भव्यता और अलौकिक सुंदरता के लिए भी विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि और विशेष उत्सवों के दौरान, श्राइन बोर्ड ने भवन को एक ऐसा रूप दिया है...
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Mata Vaishno Devi : मां वैष्णो देवी का दरबार न केवल आस्था और शक्ति का केंद्र है, बल्कि अपनी भव्यता और अलौकिक सुंदरता के लिए भी विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि और विशेष उत्सवों के दौरान, श्राइन बोर्ड ने भवन को एक ऐसा रूप दिया है जिसने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। इस बार की सजावट की सबसे बड़ी खासियत विदेशी फूलों का व्यापक इस्तेमाल है, जो दरबार को किसी दिव्य उपवन जैसा अनुभव दे रहे हैं।
फूलों का वैश्विक संगम
इस बार माता के दरबार को सजाने के लिए केवल स्थानीय फूलों का सहारा नहीं लिया गया, बल्कि दुनिया के कोने-कोने से दुर्लभ प्रजातियों के फूल मंगवाए गए हैं। सजावट में नीदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और मलेशिया जैसे देशों से आए फूलों का समावेश है।
विदेशी फूल
ग्लेडियोलस - यह फूल चमकीले रंगों के लिए बहुत फेमस माना जाता है और इसे खासतौर पर दक्षिण अफ्रीका से मंगवाया जाता है।
नीदरलैंड : यहां से विशेष रूप से ट्यूलिप और लिली की वैराइटी मंगवाई गई है।
इन विदेशी फूलों की प्रमुख खासियतें
लंबे समय तक ताजगी : जहां आम फूल एक या दो दिन में मुरझा जाते हैं, वहीं ये विदेशी फूल अपनी विशेष बनावट के कारण 7 से 10 दिनों तक बिल्कुल ताजे बने रहते हैं। कटरा की बदलती ठंड और नमी के बीच ये फूल अपनी चमक नहीं खोते।
विशिष्ट सुगंध: इन फूलों की सुगंध बहुत ही सौम्य और मनमोहक होती है, जो पूरे भवन क्षेत्र में एक सकारात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करती है।
अनोखे रंग और आकार: एंथुरिय', जरबेरा और कारनेशन जैसे फूल ऐसे रंगों में उपलब्ध हैं जो आमतौर पर भारत में नहीं मिलते। इनके जीवंत रंग (जैसे गहरा बैंगनी, इलेक्ट्रिक ब्लू और पेस्टल पिंक) माता के दरबार की भव्यता में चार चाँद लगा देते हैं।