Edited By Sarita Thapa,Updated: 25 Feb, 2026 04:52 PM

माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भविष्य की पीढ़ियों के लिए मां की महिमा और शक्ति परंपरा को सहेजने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। कटड़ा में बनने जा रहे अंतरराष्ट्रीय देवी संग्रहालय और उसके लिए समर्पित ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत हो चुकी है।
Mata Vaishno Devi News : माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भविष्य की पीढ़ियों के लिए मां की महिमा और शक्ति परंपरा को सहेजने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। कटड़ा में बनने जा रहे अंतरराष्ट्रीय देवी संग्रहालय और उसके लिए समर्पित ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत हो चुकी है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष, मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई 76वीं बोर्ड बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दी गई। इसका मुख्य उद्देश्य मां वैष्णो देवी के इतिहास, यात्रा के विकास और शक्ति उपासना की परंपरा को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करना है।
अंतरराष्ट्रीय देवी संग्रहालय
यह संग्रहालय केवल एक प्रदर्शनी स्थल नहीं, बल्कि ज्ञान और आध्यात्मिकता का एक वैश्विक केंद्र होगा। संग्रहालय में भारत भर के प्रमुख शक्तिपीठों और देवी तीर्थस्थलों की प्रतिकृतियां और उनके इतिहास को दर्शाया जाएगा। इसमें डिजिटल इंस्टॉलेशन, लाइट एंड साउंड शो, इंटरेक्टिव गैलरी और इमर्सिव तकनीक का उपयोग किया जाएगा, ताकि श्रद्धालु माँ की महिमा को सजीव रूप में अनुभव कर सकें। यहां वैष्णो देवी यात्रा के सदियों पुराने इतिहास, पवित्र गुफा की कथा और सनातन धर्म से जुड़ी शक्ति पूजा के दर्शन को दस्तावेजों के माध्यम से सुरक्षित किया जाएगा।
ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत
संग्रहालय की परिकल्पना और डिजाइन को और भी बेहतर बनाने के लिए एक विशेष पोर्टल (https://suggestions.smvdsbimog.org) लॉन्च किया गया है। इस पोर्टल के जरिए बोर्ड ने दुनियाभर के विद्वानों, इतिहासकारों, वास्तुकारों और आध्यात्मिक गुरुओं से सुझाव मांगे हैं। पोर्टल का उद्देश्य संग्रहालय के कंटेंट और डिजाइन को प्रामाणिक, शोध-आधारित और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है।
कटड़ा का कायाकल्प और पर्यटन को बढ़ावा
इस संग्रहालय के बनने से कटड़ा न केवल एक धार्मिक आधार शिविर रहेगा, बल्कि एक प्रमुख सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में भी उभरेगा। इस परियोजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और शोधकर्ताओं व पर्यटकों के लिए आकर्षण के नए केंद्र खुलेंगे।
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