Edited By Parveen Kumar,Updated: 25 Feb, 2026 08:19 PM

देशभर के लाखों कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) ने निष्क्रिय पड़े पीएफ खातों को लेकर अहम कदम उठाया है। संगठन ने तय किया है कि लंबे समय से बंद पड़े छोटे बैलेंस वाले खातों की रकम अब सीधे खाताधारकों के...
नेशनल डेस्क : देशभर के लाखों कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) ने निष्क्रिय पड़े पीएफ खातों को लेकर अहम कदम उठाया है। संगठन ने तय किया है कि लंबे समय से बंद पड़े छोटे बैलेंस वाले खातों की रकम अब सीधे खाताधारकों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
कितने लोगों को मिलेगा फायदा?
EPFO के मुताबिक, करीब 7 लाख ऐसे पीएफ खाते हैं जिनमें 1,000 रुपये या उससे कम राशि पड़ी है और पिछले 36 महीनों से उनमें कोई लेन-देन नहीं हुआ। इन खातों में कुल मिलाकर लगभग 30.52 करोड़ रुपये जमा हैं। अब यह पूरी राशि बिना किसी अलग दावे (क्लेम) के संबंधित लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
क्या है ‘निष्क्रिय खाता’?
जब किसी पीएफ खाते में लगातार 3 साल (36 महीने) तक कोई योगदान या ट्रांजैक्शन नहीं होता, तो उसे इनऑपरेटिव या निष्क्रिय मान लिया जाता है। ऐसी स्थिति आमतौर पर तब बनती है जब:
- कर्मचारी नौकरी बदल लेता है
- विदेश चला जाता है
- रिटायर हो जाता है
- या पीएफ क्लेम करना भूल जाता है
क्लेम करने की जरूरत नहीं
इस फैसले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि खाताधारक को कोई फॉर्म भरने या दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया ऑटोमैटिक तरीके से पूरी की जाएगी।
पैसा ऐसे पहुंचेगा खाते में: जिन सदस्यों का बैंक खाता आधार से लिंक है, उनमें रकम सीधे ट्रांसफर होगी। यदि सदस्य का निधन हो चुका है, तो भुगतान नामित व्यक्ति (नॉमिनी) को किया जाएगा।
अभी और भी खाते हैं लंबित
EPFO के पास फिलहाल करीब 31.86 लाख निष्क्रिय खाते हैं, जिनमें कुल मिलाकर लगभग 10,903 करोड़ रुपये जमा हैं। फिलहाल पहले चरण में 1,000 रुपये तक बैलेंस वाले करीब 7 लाख खातों को निपटाया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद बाकी निष्क्रिय खातों पर भी चरणबद्ध तरीके से फैसला लिया जा सकता है।
अगर खाते में अचानक आए 1,000 रुपये…
ऐसे में अगर आपके या आपके परिवार के किसी सदस्य के बैंक खाते में अचानक 1,000 रुपये तक की राशि जमा होती है, तो संभव है कि यह EPFO द्वारा बंद पड़े पीएफ खाते की वापसी हो। यह कदम उन लाखों लोगों के लिए खास मायने रखता है, जिन्होंने छोटी अवधि की नौकरी के बाद पीएफ क्लेम नहीं किया था और पैसा सालों से अटका हुआ था।