Mata Vaishno Devi : 1967 का सपना अब हकीकत, वैष्णो देवी धाम के पास बनेगा भव्य शंकराचार्य मंदिर, 31.51 करोड़ की लागत

Edited By Updated: 21 Feb, 2026 08:20 AM

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Mata Vaishno Devi : Manoj Sinha ने बुधवार को एक ऐतिहासिक पहल करते हुए श्री शंकराचार्य मंदिर परियोजना की आधारशिला रखी। यह वह क्षण था जिसका इंतजार लगभग छह दशकों से किया जा रहा था। पवित्र Shri Mata Vaishno Devi Shrine Board के निकट पहाड़ी क्षेत्र में...

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Mata Vaishno Devi : Manoj Sinha ने बुधवार को एक ऐतिहासिक पहल करते हुए श्री शंकराचार्य मंदिर परियोजना की आधारशिला रखी। यह वह क्षण था जिसका इंतजार लगभग छह दशकों से किया जा रहा था। पवित्र Shri Mata Vaishno Devi Shrine Board के निकट पहाड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित इस मंदिर का सपना 1960 के दशक में देखा गया था और 1967 में इसकी अवधारणा तैयार की गई थी। वर्षों की प्रक्रिया के बाद 2025 में श्राइन बोर्ड और संबंधित भूमि स्वामियों के बीच समझौता होने से परियोजना को हरी झंडी मिली। भूमि मालिकों ने मंदिर तक मोटर योग्य मार्ग और यात्रियों के लिए शौचालय व पेयजल जैसी सुविधाएं विकसित करने हेतु 41 कनाल जमीन उपलब्ध कराने पर सहमति दी।

31.51 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य परिसर
श्राइन बोर्ड के अनुसार मंदिर निर्माण पर लगभग 31.51 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और पूरा व्यय बोर्ड स्वयं वहन करेगा। यह परियोजना न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक नया आध्यात्मिक केंद्र बनेगी, बल्कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी। मंदिर परिसर में 50 व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया जाएगा, जिन्हें उन भूमि दाताओं को आवंटित किया जाएगा जिन्होंने इस पवित्र कार्य के लिए सहयोग दिया है। प्रशासन का मानना है कि वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालु शंकराचार्य मंदिर के दर्शन भी करेंगे, जिससे स्थानीय कारोबार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

महिला सशक्तिकरण पर भी जोर
कटरा दौरे के दौरान एलजी मनोज सिन्हा ने स्पिरिचुअल ग्रोथ सेंटर में आयोजित ‘समृद्ध नारी, समृद्ध भारत’ कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने रियासी और आसपास के क्षेत्रों की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला उद्यमियों से संवाद किया। उन्होंने दोहराया कि श्राइन बोर्ड भक्तों की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उनके अनुसार, जब धार्मिक स्थल सशक्त और सक्रिय रहते हैं तो वे न केवल आस्था को प्रबल करते हैं बल्कि विकास और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करते हैं।

श्राइन बोर्ड ने भी यह स्पष्ट किया कि स्थानीय समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए रोजगार सृजन और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देना उसकी प्रमुख प्रतिबद्धता रही है।
 

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