Edited By Sarita Thapa,Updated: 13 Jun, 2026 10:56 AM

सनातन धर्म में सावन तीज का बहुत खास महत्व है। सवान तीज को हरियाली तीज या छोटी तीज भी कहा जाता है। यह तीज सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपनी पति की लंबी आयु के लिए पूजा-पाठ करती है और व्रत रखती है।
Sawan Teej 2026 : सनातन धर्म में सावन तीज का बहुत खास महत्व है। सवान तीज को हरियाली तीज या छोटी तीज भी कहा जाता है। यह तीज सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपनी पति की लंबी आयु के लिए पूजा-पाठ करती है और व्रत रखती है। माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की अराधना करने से सुख, सौभाग्य, सफलता, समृद्धि की प्राप्ति होती है। सावन का महीना शिव जी को बहुत प्रिय है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली तीज के दिन माता पार्वती ने कठिन तपस्या के बाद देवों के देव महादेव को पति के रूप में पाया था। यही वजह है कि इस दिन का सुहागिन महिलाओं के साथ कुंवारी कन्या भी बेसब्री से इंतजार करती है। तो आइए जानते हैं सावन तीज की तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में-
सावन तीज 2026 मुहूर्त
सावन माह के शुक्ल पक्ष की हरियाली तृतीया तिथि की शुरुआत 14 अगस्त 2026 को शाम 6 बजकर 46 मिनट पर होगी और इसका समापन 15 अगस्त 2026 को शाम 5 बजकर 28 मिनट पर समाप्त होगा।
पूजा मुहूर्त - सुबह 7 बजकर 29 मिनट से सुबह 9 बजकर 08 मिनट तक।
दोपहर का मुहूर्त - दोपहर 12 बजकर 25 मिनट से शाम 5 बजकर 22 मिनट तक।

सावन तीज 2026 योग
हरियाली तीज के दिन शिव, सिद्ध और रवि योग का संयोग बन रहा है। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए शिव योग बहुत शुभ माना जाता है। माना जाता है कि इस योग में शिव जी की पूजा करने से जीवन में आने वाले सारे कष्ट दूर होते हैं और मन की हर मुराद पूरी होती है।
हरियाली तीज का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली तीज के दिन ही माता पार्वती ने कठोर तपस्या के बाद भगवान शिव को पति के रूप में पाया था। यही वजह है कि इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और वैवाहिक जीवन में मधुरता बनाए रखने के लिए शिव जी और माता पार्वती की पूजा करती हैं और व्रत रखती है। वहीं, कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा वर पाने के लिए इस दिन पूरी श्रद्धा से व्रत और पूजन करती हैं। इस दिन चारों तरफ हरियाली होने के कारण इसे प्रकृति के उत्सव के रूप में भी देखा जाता है।

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