Edited By Sarita Thapa,Updated: 12 Jun, 2026 03:53 PM

हिंदू धर्म में आषाढ़ माह को बहुत शुभ और खास माना जाता है। इस महीने से वर्षा ऋतु की शुरुआत हो जाता है और धार्मिक दृष्टि से यह महीना पूजा-पाठ, साधना और व्रत रखने के लिए बहुत उत्तम माना जाता है।
Ashadh Maas 2026 Kab Se Lagega : हिंदू धर्म में आषाढ़ माह को बहुत शुभ और खास माना जाता है। इस महीने से वर्षा ऋतु की शुरुआत हो जाता है और धार्मिक दृष्टि से यह महीना पूजा-पाठ, साधना और व्रत रखने के लिए बहुत उत्तम माना जाता है। साथ ही इस माह में गुरु पूर्णिमा, देवशयनी एकादशी, रथ यात्रा जैसे बड़े पर्वों के साथ चातुर्मास की शुरुआत होती है। आषाढ़ माह में पूजा-अर्चना के साथ दान-पुण्य भी करना चाहिए। इसे कामनाओं की पूर्ति और नई ऊर्जा के संचार का महीना भी माना जाता है। तो आइए जानते हैं कि आषाढ़ माह की शुरुआत कब से हो रही है और इसके महत्व के बारे में-
कब से शुरू होगा आषाढ़ का महीना?
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा का शुरुआत 30 जून को सुबह 05 बजकर 26 मिनट पर होगी। इसके बाद आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत होगी और इसी दिन से आषाढ़ का महीना शुरू होगा। वहीं, इस आषाढ़ माह का समापन 29 जुलाई को होगा।
आषाढ़ माह का धार्मिक महत्व
आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इसी दिन से चातुर्मास की शुरुआत हो जाती है क्योंकि भगवान विष्णु अगले चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। साथ ही श्री हरि के योग निद्रा में चले जाने से सभी मांगलिक कार्यों में कुछ समय के लिए रोक लग जाती है। इसी माह में ही भगवान जन्ननाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है और आषाढ़ के महीने में ही गुरु पूर्णिमा और गुप्त नवरात्रि जैसे बड़े पर्व मनाए जाते हैं।
आषाढ़ मास में क्या करें?
आषाढ़ में सूर्य देव और मंगल ग्रह की पूरे विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में आने वाली सारी परेशानियां दूर होती है और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
क्योंकि यह ऋतु परिवर्तन का समय होता है, इसलिए वातावरण को शुद्ध करने और कीटाणुओं के नाश के लिए इस महीने में घर में छोटा-मोटा हवन या यज्ञ करना बेहद फलदायी माना जाता है।
इस महीने में चप्पल, छाता, नमक, आंवला और पानी से भरे घड़े का दान करना बहुत शुभ माना जाता है।
इस पूरे महीने भगवान विष्णु और देवों के देव महादेव की संयुक्त पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
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