Edited By Sarita Thapa,Updated: 03 Apr, 2026 03:03 PM

हिंदू पंचांग और ज्योतिष शास्त्र में मेष संक्रांति का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी दिन सूर्य देव मीन राशि की अपनी यात्रा समाप्त कर मंगल की राशि मेष में प्रवेश करते हैं।
Mesh Sankranti 2026 : हिंदू पंचांग और ज्योतिष शास्त्र में मेष संक्रांति का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी दिन सूर्य देव मीन राशि की अपनी यात्रा समाप्त कर मंगल की राशि मेष में प्रवेश करते हैं। साल 2026 में यह अवसर बेहद खास होने वाला है, क्योंकि यह न केवल ऋतु परिवर्तन का संकेत है, बल्कि भारतीय सौर नववर्ष की शुरुआत भी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किया गया स्नान, दान और सूर्य उपासना अक्षय पुण्य प्रदान करती है। इस दिन सूर्य के उत्तरायण काल में होने के कारण सकारात्मक ऊर्जा का संचार चरम पर होता है। तो आइए जानते हैं मेष संक्रांति के शुभ मुहूर्त और शुभ योग के बारे में-
मेष संक्रांति 2026 की तिथि और शुभ समय
इस वर्ष 14 अप्रैल को सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे मेष संक्रांति के रूप में मनाया जाएगा। धार्मिक दृष्टि से इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है।
पुण्य काल: सुबह 05:28 से दोपहर 01:53 तक।
महा पुण्य काल: सुबह 07:31 से दोपहर 11:46 तक ।

मेष संक्रांति 2026 का अद्भुत संयोग और मंगलकारी योग
ज्योतिष गणना के अनुसार, इस बार मेष संक्रांति पर शिववास योग का निर्माण हो रहा है जो रात 12:12 तक रहेगा। इसके अतिरिक्त, दोपहर 11:24 से 12:15 तक अभिजीत मुहूर्त भी रहेगा। कौलव और तैतिल करण जैसे शुभ योगों की उपस्थिति इस दिन की महत्ता को और बढ़ा रही है। इन शुभ मुहूर्तों में सूर्य देव की आराधना करने से जीवन में सुख-समृद्धि और अटके हुए कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।

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