Edited By Niyati Bhandari,Updated: 25 Mar, 2026 12:52 PM

Ram Navami 2026 Date Confusion: Ram Navami 2026 को लेकर लोगों में इस बार खासा कन्फ्यूजन बना हुआ है कि यह पर्व 26 मार्च को मनाया जाएगा या 27 मार्च को। अगर आप भी इसी दुविधा में हैं, तो यहां जानिए विद्वानों और पंचांग के अनुसार सही तिथि, शुभ मुहूर्त और...
Ram Navami 2026 Date Confusion: Ram Navami 2026 को लेकर लोगों में इस बार खासा कन्फ्यूजन बना हुआ है कि यह पर्व 26 मार्च को मनाया जाएगा या 27 मार्च को। अगर आप भी इसी दुविधा में हैं, तो यहां जानिए विद्वानों और पंचांग के अनुसार सही तिथि, शुभ मुहूर्त और इस पर्व का महत्व।
Ram Navami 2026 कब है? (सही तारीख)
हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि:
प्रारंभ: 26 मार्च 2026, सुबह 11:48 बजे
समाप्त: 27 मार्च 2026, सुबह 10:06 बजे
चूंकि भगवान श्रीराम का जन्म मध्याह्न काल (दोपहर) में हुआ था, इसलिए कुछ लोग 26 मार्च को राम नवमी मनाने की बात कर रहे हैं।
हालांकि, उदया तिथि (सूर्योदय के समय पड़ने वाली तिथि) को अधिक मान्यता दी जाती है। इसी कारण अयोध्या सहित देशभर में 27 मार्च 2026 को राम नवमी मनाना अधिक उचित माना जा रहा है।

राम नवमी 2026 शुभ मुहूर्त
पूजा का समय: सुबह 11:13 बजे से दोपहर 01:41 बजे तक
मध्याह्न क्षण: दोपहर 12:27 बजे
यह समय भगवान श्रीराम के जन्म का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसी दौरान पूजा करना सबसे शुभ होता है।
राम नवमी क्यों मनाई जाती है?
राम नवमी का पर्व भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो भगवान विष्णु के सातवें अवतार माने जाते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेता युग में राजा दशरथ और माता कौशल्या के घर भगवान राम का जन्म हुआ था। भगवान राम का अवतार अधर्म के विनाश और धर्म की स्थापना के लिए हुआ था। यही कारण है कि यह दिन भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है।

राम नवमी का धार्मिक महत्व
यह दिन धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन का प्रतीक है।
भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है।
इस दिन पूजा, व्रत और भजन करने से जीवन में सुख-शांति आती है।
चैत्र नवरात्रि का यह अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है।
राम नवमी 2026 को लेकर तिथि में भ्रम जरूर है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं और प्रमुख स्थलों के अनुसार 27 मार्च 2026 को ही यह पर्व मनाना अधिक उपयुक्त है। इस दिन मध्याह्न काल में भगवान श्रीराम की पूजा करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
