Edited By Sarita Thapa,Updated: 23 Jan, 2026 03:25 PM

वृंदावन का प्रसिद्ध शाहजी मंदिर, जो अपने टेढ़े-मेढ़े खंभों के लिए दुनिया भर में मशहूर है, एक बार फिर चर्चा में है। इस मंदिर का एक हिस्सा जिसे वसंती कमरा कहा जाता है, वसंत पंचमी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोला जा रहा है।
Shahji Temple Vrindavan Basanti Kamra Opening : वृंदावन का प्रसिद्ध शाहजी मंदिर, जो अपने टेढ़े-मेढ़े खंभों के लिए दुनिया भर में मशहूर है, एक बार फिर चर्चा में है। इस मंदिर का एक हिस्सा जिसे वसंती कमरा कहा जाता है, वसंत पंचमी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोला जा रहा है।
क्या है इस कमरे का रहस्य ?
इस कमरे के अंदर की सजावट और रोशनी इतनी शानदार है कि इसे देखते ही बनता है। यहां लगे विशाल और कीमती झाड़-फानूस और बेल्जियम ग्लास की नक्काशी इसे किसी शाही दरबार जैसा रूप देती है। यह कमरा साल के 365 दिनों में से केवल दो बार वसंत पंचमी और सावन के कुछ दिन ही खुलता है। बाकी समय यह बंद रहता है, जिससे इसके प्रति लोगों की जिज्ञासा बनी रहती है। वसंत पंचमी के दिन पूरे कमरे को पीले रंगों और बसंती फूलों से सजाया जाता है, जो 'ऋतुराज' वसंत के आगमन का प्रतीक है।
163 साल का गौरवशाली इतिहास
इस मंदिर का निर्माण करीब 163 साल पहले 1860 के दशक में लखनऊ के प्रसिद्ध जौहरी शाह कुंदन लाल और शाह फुंदन लाल ने करवाया था। इसकी वास्तुकला में मुगल, राजस्थानी और इतालवी शैली का अनूठा मिश्रण देखने को मिलता है।
श्रद्धालुओं के लिए खास क्या है ?
वसंत पंचमी 23 जनवरी 2026 के दिन सुबह से ही इस कमरे के द्वार खुलेंगे। कमरे के अंदर ठाकुर जी की विशेष बसंती झांकी सजाई जाती है। दूर-दूर से लोग इस 'सुनहरी आभा' को अपनी आंखों में कैद करने के लिए उमड़ते हैं।
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ