शरद पूर्णिमा की रात चंद्रदेव को अर्घ्य देने का खास नियम, जल में जरूर मिलाएं ये 5 शुभ चीजें

Edited By Updated: 25 Oct, 2026 01:08 PM

sharad purnima moon arghya rules

सनातन धर्म में शरद पूर्णिमा का बहुत खास धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी चांदनी को बहुत शुभ माना जाता है।

Sharad Purnima Moon Arghya Rules : सनातन धर्म में शरद पूर्णिमा का बहुत खास धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी चांदनी को बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा करने की परंपरा है। कई लोग रात में चांद की रोशनी में खीर रखते हैं  और चंद्रमा को अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि व मानसिक शांति की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रदेव को विधि-विधान से अर्घ्य देना शुभ फलदायी माना जाता है। तो आइए जानते हैं कि अर्घ्य देते समय जल में कौन-सी 5 शुभ चीजें मिलाई जा सकती हैं और इसकी सही विधि क्या है।

Sharad Purnima Moon Arghya Rules

शरद पूर्णिमा पर चंद्रदेव को अर्घ्य देने का महत्व 
 ज्योतिष और धार्मिक परंपराओं में चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक शांति का कारक माना गया है। शरद पूर्णिमा की रात चंद्रदेव की पूजा करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने की कामना की जाती है। इस दिन चंद्रमा को जल अर्पित करके लोग अपने परिवार की सुख-शांति, खुशहाली और अच्छी सेहत की प्रार्थना करते हैं। हालांकि पूजा से जुड़े फल धार्मिक आस्था और  मान्यताओं पर आधारित है। 

Sharad Purnima Moon Arghya Rules

अर्घ्य के जल में जरूर मिलाएं ये 5 शुभ चीजें

शुद्ध जल
चंद्रदेव को अर्घ्य देने के लिए साफ जल का इस्तेमाल करें। पूजा में जल को पवित्रता और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है।

अक्षत यानी साबुत चावल
पूजा-पाठ में अक्षत का विशेष महत्व है। चंद्रदेव की पूजा में सफेद चावल का प्रयोग शुभता और पूर्णता का प्रतीक माना जाता है।

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सफेद फूल
सफेद फूल शांति, पवित्रता और सौम्यता का प्रतीक माने जाते हैं। इन्हें चंद्रदेव को अर्पित किया जा सकता है। फूलों को सीधे जल में डालना जरूरी नहीं है।

थोड़ा-सा कच्चा दूध
कुछ धार्मिक परंपराओं में चंद्रमा को अर्घ्य देते समय जल में थोड़ा दूध मिलाया जाता है। इसे शीतलता और शुद्धता से जोड़कर देखा जाता है।

सफेद चंदन
सफेद चंदन पूजा में शांति और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। इसे चंद्रदेव को तिलक के रूप में अर्पित कर सकते हैं। इसे अर्घ्य के जल में मिलाना अनिवार्य नहीं है।

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