Shivaji Maharaj Story : जब अपनी प्रजा के लिए स्वयं बंदी बने छत्रपति शिवाजी महाराज...

Edited By Updated: 25 Feb, 2026 02:03 PM

shivaji maharaj story

Shivaji Maharaj Story : बात उन दिनों की है जब शिवाजी महाराज मुगल सेना से बचने के लिए वेश बदलकर इधर-उधर विचरण कर रहे थे। इसी क्रम में एक दिन शिवाजी किसी गरीब ब्राह्मण के घर के घर रुके। अति निर्धन होते हुए भी ब्राह्मण ने शिवाजी का यथाशक्ति...

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Shivaji Maharaj Story : बात उन दिनों की है जब शिवाजी महाराज मुगल सेना से बचने के लिए वेश बदलकर इधर-उधर विचरण कर रहे थे। इसी क्रम में एक दिन शिवाजी किसी गरीब ब्राह्मण के घर के घर रुके। अति निर्धन होते हुए भी ब्राह्मण ने शिवाजी का यथाशक्ति स्वागत-सत्कार किया। एक दिन तो वह स्वयं भूखा रहा, परन्तु शिवाजी के लिए भोजन की व्यवस्था की। शिवाजी को ज्ञात हुआ तो उन्हें अपने आश्रयदाता की यह दरिद्रता भीतर तक चुभ गई। 

Shivaji Maharaj Story

उन्होंने सोचा कि किसी प्रकार उसकी सहायता की जाए । शिवाजी ने उसी समय ब्राह्मण की दरिद्रता दूर करने का एक उपाय सोचा। उन्होंने एक पत्र वहां के मुगल ‘सूबेदार’ को भिजवाया। पत्र में लिखा था कि शिवाजी इस ब्राह्मण के घर रुके हैं। वह उन्हें पकड़ ले और इस सूचना के लिए इस ब्राह्मण को दो हजार अशर्फियां दे दें। ‘सूबेदार’ शिवाजी की ईमानदारी और बड़प्पन को जानता था। 

उसने ब्राह्मण को दो हजार स्वर्ण मुद्राएं दे दीं और शिवाजी को बन्दी बना लिया। इसके पश्चात तानाजी से यह सुनकर कि उसके अतिथि और कोई नहीं स्वयं शिवाजी महाराज थे, ब्राह्मण छाती पीट-पीटकर रोने लगा और मूर्छित हो गया।

Shivaji Maharaj Story

 तब तानाजी ने उसे सांत्वना दी और रास्ते में ही ‘सूबेदार’ से संघर्ष कर शिवाजी को मुक्त करा लिया। ऐसे थे वीर शिवाजी जो अपनी प्रजा के लिए स्वयं के प्राणों को संकट में डालने से भी पीछे नहीं हटते थे।

Shivaji Maharaj Story

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!