Edited By Niyati Bhandari,Updated: 18 Aug, 2026 11:02 AM

सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े की उस याचिका पर विचार से इनकार कर दिया, जिसमें केंद्र को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास का पुनर्गठन कर उसे सार्वजनिक न्यास बनाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।
नई दिल्ली (एजैंसी) : सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े की उस याचिका पर विचार से इनकार कर दिया, जिसमें केंद्र को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास का पुनर्गठन कर उसे सार्वजनिक न्यास बनाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।
अखाड़े ने सुप्रीम कोर्ट से ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास’ में बदलाव का अनुरोध किया था। इन बदलावों में अधिक पारदर्शिता लाना, इसे ‘सार्वजनिक न्यास’ का दर्जा देना और मंदिर के कामकाज में खुद के लिए भूमिका हासिल करना शामिल है। सीजेआई ने अखाड़े की याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा, ‘एक उचित याचिका दायर करें।’
सोमवार को, सीजेआई सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने चढ़ावा चोरी से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान एसआईटी से जांच तेजी से पूरी करने को कहा। अखाड़े के वरिष्ठ वकील सुशील जैन ने यह निर्देश देने का अनुरोध किया कि न्यास का मौजूदा ढांचा और गठन राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट न्यायालय के नवम्बर 2019 के फैसले की भावना और मंशा के अनुरूप नहीं है।